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Kundli GPT

मंगलवार, 6 जुलाई 2027

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज मंगलवार है। तृतीया तिथि 21:48 बजे तक, फिर चतुर्थी 18:44 (कल) बजे तक रहेगी। पुष्य नक्षत्र 06:33 बजे तक, उसके बाद आश्लेषा 04:02 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग हर्षण 07:14 बजे तक, फिर वज्र योग 03:25 (कल) बजे तक। तैतिल करण 11:29 बजे तक, उसके बाद गर 21:48 बजे तक, फिर वणिज 08:13 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:54 से 17:38) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल तृतीया

      उसी दिन 01:13 उसी दिन 21:48

    • शुक्ल चतुर्थी

      उसी दिन 21:48 अगले दिन 18:44

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • आषाढ़ · श्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • पुष्य

      पिछले दिन 09:18 उसी दिन 06:33

    • आश्लेषा

      उसी दिन 06:33 अगले दिन 04:02

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • हर्षण

      पिछले दिन 11:14 उसी दिन 07:14

    • वज्र

      उसी दिन 07:14 अगले दिन 03:25

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      उसी दिन 01:13 उसी दिन 11:29

    • गर

      उसी दिन 11:29 उसी दिन 21:48

    • वणिज

      उसी दिन 21:48 अगले दिन 08:13

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल तृतीया · मंगल

00 06 12 18 रोग · 05:28 – 07:13 उद्वेग · 07:13 – 08:57 चल · 08:57 – 10:41 लाभ · 10:41 – 12:25 अमृत · 12:25 – 14:10 काल · 14:10 – 15:54 शुभ · 15:54 – 17:38 रोग · 17:38 – 19:22 लाभ · 19:22 – 20:38 उद्वेग · 20:38 – 21:54 शुभ · 21:54 – 23:10 अमृत · 23:10 – 00:26 चल · 00:26 – 01:41 रोग · 01:41 – 02:57 काल · 02:57 – 04:13 लाभ · 04:13 – 05:29 रोग · 05:28 – 07:13 काल · 07:13 – 08:57 लाभ · 08:57 – 10:41 उद्योग · 10:41 – 12:25 चल · 12:25 – 14:10 अमृत · 14:10 – 15:54 शून्य · 15:54 – 17:38 शुभ · 17:38 – 19:22 काल · 19:22 – 20:38 शून्य · 20:38 – 21:54 रोग · 21:54 – 23:10 लाभ · 23:10 – 00:26 अमृत · 00:26 – 01:41 उद्योग · 01:41 – 02:57 चल · 02:57 – 04:13 शुभ · 04:13 – 05:29 ब्रह्म मुहूर्त · 04:08 – 04:48 अभिजित मुहूर्त · 11:58 – 12:53 अमृत काल · 00:53 – 02:18 राहु काल · 15:54 – 17:38 यमगण्ड काल · 08:57 – 10:41 गुलिक काल · 12:25 – 14:10 वर्ज्यम् · 16:23 – 17:48 मंगल · 05:28 – 06:38 सूर्य · 06:38 – 07:47 शुक्र · 07:47 – 08:57 बुध · 08:57 – 10:06 चंद्र · 10:06 – 11:16 शनि · 11:16 – 12:25 गुरु · 12:25 – 13:35 मंगल · 13:35 – 14:44 सूर्य · 14:44 – 15:54 शुक्र · 15:54 – 17:03 बुध · 17:03 – 18:13 चंद्र · 18:13 – 19:22 शनि · 19:22 – 20:13 गुरु · 20:13 – 21:03 मंगल · 21:03 – 21:54 सूर्य · 21:54 – 22:44 शुक्र · 22:44 – 23:35 बुध · 23:35 – 00:26 चंद्र · 00:26 – 01:16 शनि · 01:16 – 02:07 गुरु · 02:07 – 02:57 मंगल · 02:57 – 03:48 सूर्य · 03:48 – 04:38 शुक्र · 04:38 – 05:29

6 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 44 मि
05:28
07:13
08:57
10:41
12:25
14:10
15:54
17:38

रात के समय

8 · 1 घं 16 मि
19:22
20:38
21:54
23:10
00:26
01:41
02:57
04:13

दिन के समय

8 · 1 घं 44 मि
05:28
07:13
08:57
10:41
12:25
14:10
15:54
17:38

रात के समय

8 · 1 घं 16 मि
19:22
20:38
21:54
23:10
00:26
01:41
02:57
04:13
04:08 04:48
11:58 12:53
00:53 02:18
15:54 17:38
08:57 10:41
12:25 14:10
16:23 17:48

दिन के घंटे

12 · 1 घं 10 मि
05:28
06:38
07:47
08:57
10:06
11:16
12:25
13:35
14:44
15:54
17:03
18:13

रात के घंटे

12 · 51 मि
19:22
20:13
21:03
21:54
22:44
23:35
00:26
01:16
02:07
02:57
03:48
04:38

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 जुलाई 2027 की तिथि क्या है?
6 जुलाई 2027 की तिथि शुक्ल तृतीया है।
6 जुलाई 2027 का नक्षत्र क्या है?
6 जुलाई 2027 का नक्षत्र पुष्य और योग हर्षण है।
6 जुलाई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:28 पर तथा सूर्यास्त 19:22 पर होगा।
6 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 15:54–17:38 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।