बुधवार, 9 जुलाई 2025
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। चतुर्दशी तिथि 01:37 (कल) बजे तक, फिर पूर्णिमा 02:06 (कल) बजे तक रहेगी। मूल नक्षत्र 04:49 (कल) बजे तक, उसके बाद पूर्व आषाढ़ा 05:55 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ब्रह्म 22:07 बजे तक, फिर ऐन्द्र योग 21:36 (कल) बजे तक। गर करण 13:11 बजे तक, उसके बाद वणिज 01:37 (कल) बजे तक, फिर विष्टि 13:55 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:26 से 14:10) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आषाढ़
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल चतुर्दशी
उसी दिन00:38अगले दिन01:37
चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तआषाढ़पूर्णिमान्तआषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
मूल · पाद 1
उसी दिन03:14अगले दिन04:49
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
ब्रह्म
पिछले दिन22:16उसी दिन22:07
ऐन्द्र
उसी दिन22:07अगले दिन21:36
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
गर
उसी दिन00:38उसी दिन13:11
वणिज
उसी दिन13:11अगले दिन01:37
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल चतुर्दशी · बुध
9 जुल॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:3007:14 | ||
| 07:1408:58 | ||
| 08:5810:42 | ||
| 10:4212:26 | ||
| 12:2614:10 | ||
| 14:1015:54 | ||
| 15:5417:38 | ||
| 17:3819:22 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:2220:38 | ||
| 20:3821:54 | ||
| 21:5423:10 | ||
| 23:1000:26 | ||
| 00:2601:42 | ||
| 01:4202:58 | ||
| 02:5804:14 | ||
| 04:1405:30 |
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:3007:14 | ||
| 07:1408:58 | ||
| 08:5810:42 | ||
| 10:4212:26 | ||
| 12:2614:10 | ||
| 14:1015:54 | ||
| 15:5417:38 | ||
| 17:3819:22 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:2220:38 | ||
| 20:3821:54 | ||
| 21:5423:10 | ||
| 23:1000:26 | ||
| 00:2601:42 | ||
| 01:4202:58 | ||
| 02:5804:14 | ||
| 04:1405:30 |
| 04:09→04:49 | ||
| 22:00→23:42 | ||
| 12:26→14:10 | ||
| 07:14→08:58 | ||
| 10:42→12:26 | ||
| 11:46→13:28 |
दिन के घंटे
12·1 घं 9 मि| 05:3006:39 | ||
| 06:3907:49 | ||
| 07:4908:58 | ||
| 08:5810:07 | ||
| 10:0711:17 | ||
| 11:1712:26 | ||
| 12:2613:35 | ||
| 13:3514:45 | ||
| 14:4515:54 | ||
| 15:5417:03 | ||
| 17:0318:12 | ||
| 18:1219:22 |
रात के घंटे
12·51 मि| 19:2220:13 | ||
| 20:1321:03 | ||
| 21:0321:54 | ||
| 21:5422:45 | ||
| 22:4523:35 | ||
| 23:3500:26 | ||
| 00:2601:17 | ||
| 01:1702:07 | ||
| 02:0702:58 | ||
| 02:5803:49 | ||
| 03:4904:40 | ||
| 04:4005:30 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 9 जुलाई 2025 की तिथि क्या है?
- 9 जुलाई 2025 की तिथि शुक्ल चतुर्दशी है।
- 9 जुलाई 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 9 जुलाई 2025 का नक्षत्र मूल और योग ब्रह्म है।
- 9 जुलाई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:30 पर तथा सूर्यास्त 19:22 पर होगा।
- 9 जुलाई 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:26–14:10 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

