गुरुवार, 13 जून 2024
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। सप्तमी तिथि 21:33 बजे तक, फिर अष्टमी 00:04 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र 05:08 (कल) बजे तक, उसके बाद उत्तर फाल्गुनी 08:13 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वज्र 18:04 बजे तक, फिर सिद्धि योग 19:06 (कल) बजे तक। गर करण 08:22 बजे तक, उसके बाद वणिज 21:33 बजे तक, फिर विष्टि 10:48 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:05 से 15:50) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक ज्येष्ठ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल सप्तमी
पिछले दिन19:17उसी दिन21:33
शुक्ल अष्टमी
उसी दिन21:33अगले दिन00:04
सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तज्येष्ठपूर्णिमान्तज्येष्ठ
नक्षत्र · योग · करण
पूर्व फाल्गुनी · पाद 1
उसी दिन02:11अगले दिन05:08
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
वज्र
पिछले दिन17:14उसी दिन18:04
सिद्धि
उसी दिन18:04अगले दिन19:06
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
गर
पिछले दिन19:17उसी दिन08:22
वणिज
उसी दिन08:22उसी दिन21:33
विष्टि
उसी दिन21:33अगले दिन10:48
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल सप्तमी · गुरु
13 जून
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2207:07 | ||
| 07:0708:52 | ||
| 08:5210:36 | ||
| 10:3612:21 | ||
| 12:2114:05 | ||
| 14:0515:50 | ||
| 15:5017:35 | ||
| 17:3519:19 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:1920:35 | ||
| 20:3521:50 | ||
| 21:5023:06 | ||
| 23:0600:21 | ||
| 00:2101:36 | ||
| 01:3602:52 | ||
| 02:5204:07 | ||
| 04:0705:22 |
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2207:07 | ||
| 07:0708:52 | ||
| 08:5210:36 | ||
| 10:3612:21 | ||
| 12:2114:05 | ||
| 14:0515:50 | ||
| 15:5017:35 | ||
| 17:3519:19 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:1920:35 | ||
| 20:3521:50 | ||
| 21:5023:06 | ||
| 23:0600:21 | ||
| 00:2101:36 | ||
| 01:3602:52 | ||
| 02:5204:07 | ||
| 04:0705:22 |
| 04:02→04:42 | ||
| 11:53→12:49 | ||
| 21:57→23:44 | ||
| 14:05→15:50 | ||
| 05:22→07:07 | ||
| 08:52→10:36 | ||
| 11:10→12:58 |
दिन के घंटे
12·1 घं 10 मि| 05:2206:32 | ||
| 06:3207:42 | ||
| 07:4208:52 | ||
| 08:5210:01 | ||
| 10:0111:11 | ||
| 11:1112:21 | ||
| 12:2113:31 | ||
| 13:3114:40 | ||
| 14:4015:50 | ||
| 15:5017:00 | ||
| 17:0018:10 | ||
| 18:1019:19 |
रात के घंटे
12·50 मि| 19:1920:10 | ||
| 20:1021:00 | ||
| 21:0021:50 | ||
| 21:5022:40 | ||
| 22:4023:31 | ||
| 23:3100:21 | ||
| 00:2101:11 | ||
| 01:1102:01 | ||
| 02:0102:52 | ||
| 02:5203:42 | ||
| 03:4204:32 | ||
| 04:3205:22 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 13 जून 2024 की तिथि क्या है?
- 13 जून 2024 की तिथि शुक्ल सप्तमी है।
- 13 जून 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 13 जून 2024 का नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग वज्र है।
- 13 जून 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:22 पर तथा सूर्यास्त 19:19 पर होगा।
- 13 जून 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:05–15:50 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

