सोमवार, 14 जून 2027
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। एकादशी तिथि 02:08 (कल) बजे तक, फिर द्वादशी 02:31 (कल) बजे तक रहेगी। चित्रा नक्षत्र 17:27 बजे तक, उसके बाद स्वाति 18:22 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वरीयान् 07:43 बजे तक, फिर परिघ योग 06:45 (कल) बजे तक। वणिज करण 14:07 बजे तक, उसके बाद विष्टि 02:08 (कल) बजे तक, फिर बव 14:16 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:07 से 08:52) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक ज्येष्ठ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
निर्जला एकादशी
उसी दिन02:12अगले दिन02:08
एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।
सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तज्येष्ठपूर्णिमान्तज्येष्ठ
नक्षत्र · योग · करण
चित्रा
पिछले दिन16:59उसी दिन17:27
स्वाति
उसी दिन17:27अगले दिन18:22
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
वरीयान्
पिछले दिन09:03उसी दिन07:43
परिघ
उसी दिन07:43अगले दिन06:45
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
वणिज
उसी दिन02:12उसी दिन14:07
विष्टि
उसी दिन14:07अगले दिन02:08
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल एकादशी · सोम
14 जून
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2207:07 | ||
| 07:0708:52 | ||
| 08:5210:36 | ||
| 10:3612:21 | ||
| 12:2114:06 | ||
| 14:0615:50 | ||
| 15:5017:35 | ||
| 17:3519:19 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:1920:35 | ||
| 20:3521:50 | ||
| 21:5023:06 | ||
| 23:0600:21 | ||
| 00:2101:36 | ||
| 01:3602:52 | ||
| 02:5204:07 | ||
| 04:0705:22 |
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2207:07 | ||
| 07:0708:52 | ||
| 08:5210:36 | ||
| 10:3612:21 | ||
| 12:2114:06 | ||
| 14:0615:50 | ||
| 15:5017:35 | ||
| 17:3519:19 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:1920:35 | ||
| 20:3521:50 | ||
| 21:5023:06 | ||
| 23:0600:21 | ||
| 00:2101:36 | ||
| 01:3602:52 | ||
| 02:5204:07 | ||
| 04:0705:22 |
| 04:02→04:42 | ||
| 11:53→12:49 | ||
| 10:55→12:33 | ||
| 07:07→08:52 | ||
| 10:36→12:21 | ||
| 14:06→15:50 | ||
| 01:08→02:46 |
दिन के घंटे
12·1 घं 10 मि| 05:2206:32 | ||
| 06:3207:42 | ||
| 07:4208:52 | ||
| 08:5210:01 | ||
| 10:0111:11 | ||
| 11:1112:21 | ||
| 12:2113:31 | ||
| 13:3114:40 | ||
| 14:4015:50 | ||
| 15:5017:00 | ||
| 17:0018:10 | ||
| 18:1019:19 |
रात के घंटे
12·50 मि| 19:1920:10 | ||
| 20:1021:00 | ||
| 21:0021:50 | ||
| 21:5022:40 | ||
| 22:4023:31 | ||
| 23:3100:21 | ||
| 00:2101:11 | ||
| 01:1102:01 | ||
| 02:0102:52 | ||
| 02:5203:42 | ||
| 03:4204:32 | ||
| 04:3205:22 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 14 जून 2027 की तिथि क्या है?
- 14 जून 2027 की तिथि शुक्ल एकादशी है।
- 14 जून 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 14 जून 2027 का नक्षत्र चित्रा और योग वरीयान् है।
- 14 जून 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:22 पर तथा सूर्यास्त 19:19 पर होगा।
- 14 जून 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 07:07–08:52 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

