गुरुवार, 20 जून 2024
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। त्रयोदशी तिथि 07:50 बजे तक, फिर चतुर्दशी 07:32 (कल) बजे तक रहेगी। अनुराधा नक्षत्र 18:09 बजे तक, उसके बाद ज्येष्ठा 18:18 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग साध्य 20:11 बजे तक, फिर शुभ योग 18:41 (कल) बजे तक। तैतिल करण 07:50 बजे तक, उसके बाद गर 19:46 बजे तक, फिर वणिज 07:32 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:07 से 15:52) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक ज्येष्ठ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल त्रयोदशी
पिछले दिन07:28उसी दिन07:50
शुक्ल चतुर्दशी
उसी दिन07:50अगले दिन07:32
त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तज्येष्ठपूर्णिमान्तज्येष्ठ
नक्षत्र · योग · करण
अनुराधा
पिछले दिन17:22उसी दिन18:09
ज्येष्ठा
उसी दिन18:09अगले दिन18:18
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
साध्य
पिछले दिन21:10उसी दिन20:11
शुभ
उसी दिन20:11अगले दिन18:41
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
तैतिल
पिछले दिन19:44उसी दिन07:50
गर
उसी दिन07:50उसी दिन19:46
वणिज
उसी दिन19:46अगले दिन07:32
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल त्रयोदशी · गुरु
20 जून
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2307:08 | ||
| 07:0808:53 | ||
| 08:5310:38 | ||
| 10:3812:22 | ||
| 12:2214:07 | ||
| 14:0715:52 | ||
| 15:5217:37 | ||
| 17:3719:21 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:2120:37 | ||
| 20:3721:52 | ||
| 21:5223:07 | ||
| 23:0700:22 | ||
| 00:2201:38 | ||
| 01:3802:53 | ||
| 02:5304:08 | ||
| 04:0805:24 |
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2307:08 | ||
| 07:0808:53 | ||
| 08:5310:38 | ||
| 10:3812:22 | ||
| 12:2214:07 | ||
| 14:0715:52 | ||
| 15:5217:37 | ||
| 17:3719:21 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:2120:37 | ||
| 20:3721:52 | ||
| 21:5223:07 | ||
| 23:0700:22 | ||
| 00:2201:38 | ||
| 01:3802:53 | ||
| 02:5304:08 | ||
| 04:0805:24 |
| 04:03→04:43 | ||
| 11:54→12:50 | ||
| 07:25→09:04 | ||
| 14:07→15:52 | ||
| 05:23→07:08 | ||
| 08:53→10:38 | ||
| 21:30→23:09 |
दिन के घंटे
12·1 घं 10 मि| 05:2306:33 | ||
| 06:3307:43 | ||
| 07:4308:53 | ||
| 08:5310:03 | ||
| 10:0311:12 | ||
| 11:1212:22 | ||
| 12:2213:32 | ||
| 13:3214:42 | ||
| 14:4215:52 | ||
| 15:5217:02 | ||
| 17:0218:12 | ||
| 18:1219:21 |
रात के घंटे
12·50 मि| 19:2120:12 | ||
| 20:1221:02 | ||
| 21:0221:52 | ||
| 21:5222:42 | ||
| 22:4223:32 | ||
| 23:3200:22 | ||
| 00:2201:13 | ||
| 01:1302:03 | ||
| 02:0302:53 | ||
| 02:5303:43 | ||
| 03:4304:33 | ||
| 04:3305:24 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 20 जून 2024 की तिथि क्या है?
- 20 जून 2024 की तिथि शुक्ल त्रयोदशी है।
- 20 जून 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 20 जून 2024 का नक्षत्र अनुराधा और योग साध्य है।
- 20 जून 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:23 पर तथा सूर्यास्त 19:21 पर होगा।
- 20 जून 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:07–15:52 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

