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Kundli GPT

रविवार, 22 जून 2025

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज रविवार है। द्वादशी तिथि 01:22 (कल) बजे तक, फिर त्रयोदशी 22:10 (कल) बजे तक रहेगी। भरणी नक्षत्र 17:39 बजे तक, उसके बाद कृत्तिका 15:17 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सुकर्मा 16:58 बजे तक, फिर धृति योग 13:18 (कल) बजे तक। कौलव करण 14:56 बजे तक, उसके बाद तैतिल 01:22 (कल) बजे तक, फिर गर 11:46 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:37 से 19:22) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण द्वादशी

      उसी दिन 04:28 अगले दिन 01:22

    द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।

  • रविवार

    रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • आषाढ़ · श्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • भरणी

      पिछले दिन 19:51 उसी दिन 17:39

    • कृत्तिका

      उसी दिन 17:39 अगले दिन 15:17

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • सुकर्मा

      पिछले दिन 20:30 उसी दिन 16:58

    • धृति

      उसी दिन 16:58 अगले दिन 13:18

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      उसी दिन 04:28 उसी दिन 14:56

    • तैतिल

      उसी दिन 14:56 अगले दिन 01:22

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

कृष्ण द्वादशी · रवि

00 06 12 18 उद्वेग · 05:24 – 07:08 चल · 07:08 – 08:53 लाभ · 08:53 – 10:38 अमृत · 10:38 – 12:23 काल · 12:23 – 14:07 शुभ · 14:07 – 15:52 रोग · 15:52 – 17:37 उद्वेग · 17:37 – 19:22 शुभ · 19:22 – 20:37 अमृत · 20:37 – 21:52 चल · 21:52 – 23:08 रोग · 23:08 – 00:23 काल · 00:23 – 01:38 लाभ · 01:38 – 02:53 उद्वेग · 02:53 – 04:09 शुभ · 04:09 – 05:24 उद्योग · 05:24 – 07:08 अमृत · 07:08 – 08:53 काल · 08:53 – 10:38 शुभ · 10:38 – 12:23 रोग · 12:23 – 14:07 शून्य · 14:07 – 15:52 लाभ · 15:52 – 17:37 चल · 17:37 – 19:22 शून्य · 19:22 – 20:37 लाभ · 20:37 – 21:52 चल · 21:52 – 23:08 रोग · 23:08 – 00:23 काल · 00:23 – 01:38 शुभ · 01:38 – 02:53 अमृत · 02:53 – 04:09 उद्योग · 04:09 – 05:24 ब्रह्म मुहूर्त · 04:03 – 04:44 अभिजित मुहूर्त · 11:55 – 12:51 अमृत काल · 13:17 – 14:44 राहु काल · 17:37 – 19:22 यमगण्ड काल · 12:23 – 14:07 गुलिक काल · 15:52 – 17:37 वर्ज्यम् · 04:34 – 06:01

22 जून

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 45 मि
05:24
07:08
08:53
10:38
12:23
14:07
15:52
17:37

रात के समय

8 · 1 घं 15 मि
19:22
20:37
21:52
23:08
00:23
01:38
02:53
04:09

दिन के समय

8 · 1 घं 45 मि
05:24
07:08
08:53
10:38
12:23
14:07
15:52
17:37

रात के समय

8 · 1 घं 15 मि
19:22
20:37
21:52
23:08
00:23
01:38
02:53
04:09
04:03 04:44
11:55 12:51
13:17 14:44
17:37 19:22
12:23 14:07
15:52 17:37
04:34 06:01

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

22 जून 2025 की तिथि क्या है?
22 जून 2025 की तिथि कृष्ण द्वादशी है।
22 जून 2025 का नक्षत्र क्या है?
22 जून 2025 का नक्षत्र भरणी और योग सुकर्मा है।
22 जून 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:24 पर तथा सूर्यास्त 19:22 पर होगा।
22 जून 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 17:37–19:22 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।