सोमवार, 30 जून 2025
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। पंचमी तिथि 09:24 बजे तक, फिर षष्ठी 10:21 (कल) बजे तक रहेगी। मघा नक्षत्र 07:20 बजे तक, उसके बाद पूर्व फाल्गुनी 08:53 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्धि 17:19 बजे तक, फिर व्यतीपात योग 17:17 (कल) बजे तक। बालव करण 09:24 बजे तक, उसके बाद कौलव 21:47 बजे तक, फिर तैतिल 10:21 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:11 से 08:55) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आषाढ़
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल पंचमी
पिछले दिन09:14उसी दिन09:24
शुक्ल षष्ठी
उसी दिन09:24अगले दिन10:21
पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।
सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तआषाढ़पूर्णिमान्तआषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
मघा
पिछले दिन06:33उसी दिन07:20
पूर्व फाल्गुनी
उसी दिन07:20अगले दिन08:53
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
सिद्धि
पिछले दिन17:57उसी दिन17:19
व्यतीपात
उसी दिन17:19अगले दिन17:17
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बालव
पिछले दिन21:13उसी दिन09:24
कौलव
उसी दिन09:24उसी दिन21:47
तैतिल
उसी दिन21:47अगले दिन10:21
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल पंचमी · सोम
30 जून
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2607:11 | ||
| 07:1108:55 | ||
| 08:5510:40 | ||
| 10:4012:24 | ||
| 12:2414:09 | ||
| 14:0915:53 | ||
| 15:5317:38 | ||
| 17:3819:23 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:2320:38 | ||
| 20:3821:54 | ||
| 21:5423:09 | ||
| 23:0900:25 | ||
| 00:2501:40 | ||
| 01:4002:55 | ||
| 02:5504:11 | ||
| 04:1105:26 |
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2607:11 | ||
| 07:1108:55 | ||
| 08:5510:40 | ||
| 10:4012:24 | ||
| 12:2414:09 | ||
| 14:0915:53 | ||
| 15:5317:38 | ||
| 17:3819:23 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:2320:38 | ||
| 20:3821:54 | ||
| 21:5423:09 | ||
| 23:0900:25 | ||
| 00:2501:40 | ||
| 01:4002:55 | ||
| 02:5504:11 | ||
| 04:1105:26 |
| 04:06→04:46 | ||
| 11:56→12:52 | ||
| 04:51→06:30 | ||
| 07:11→08:55 | ||
| 10:40→12:24 | ||
| 14:09→15:53 | ||
| 18:57→20:36 |
दिन के घंटे
12·1 घं 10 मि| 05:2606:36 | ||
| 06:3607:46 | ||
| 07:4608:55 | ||
| 08:5510:05 | ||
| 10:0511:15 | ||
| 11:1512:24 | ||
| 12:2413:34 | ||
| 13:3414:44 | ||
| 14:4415:53 | ||
| 15:5317:03 | ||
| 17:0318:13 | ||
| 18:1319:23 |
रात के घंटे
12·50 मि| 19:2320:13 | ||
| 20:1321:03 | ||
| 21:0321:54 | ||
| 21:5422:44 | ||
| 22:4423:34 | ||
| 23:3400:25 | ||
| 00:2501:15 | ||
| 01:1502:05 | ||
| 02:0502:55 | ||
| 02:5503:46 | ||
| 03:4604:36 | ||
| 04:3605:26 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 30 जून 2025 की तिथि क्या है?
- 30 जून 2025 की तिथि शुक्ल पंचमी है।
- 30 जून 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 30 जून 2025 का नक्षत्र मघा और योग सिद्धि है।
- 30 जून 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:26 पर तथा सूर्यास्त 19:23 पर होगा।
- 30 जून 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 07:11–08:55 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

