शुक्रवार, 4 जून 2027
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। अमावस्या तिथि 01:10 (कल) बजे तक, फिर प्रतिपदा 21:58 (कल) बजे तक रहेगी। कृत्तिका नक्षत्र 09:14 बजे तक, उसके बाद रोहिणी 07:02 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सुकर्मा 15:47 बजे तक, फिर धृति योग 12:11 (कल) बजे तक। चतुष्पाद करण 14:40 बजे तक, उसके बाद नाग 01:10 (कल) बजे तक, फिर किंस्तुघ्न 11:36 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:35 से 12:19) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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अमावस्या
उसी दिन 04:05 अगले दिन 01:10
पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।
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शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
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ज्येष्ठ · आषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
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कृत्तिका
पिछले दिन 11:02 उसी दिन 09:14
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रोहिणी
उसी दिन 09:14 अगले दिन 07:02
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
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सुकर्मा
पिछले दिन 19:06 उसी दिन 15:47
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धृति
उसी दिन 15:47 अगले दिन 12:11
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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चतुष्पाद
उसी दिन 04:05 उसी दिन 14:40
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नाग
उसी दिन 14:40 अगले दिन 01:10
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
अमावस्या · शुक्र
4 जून
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 44 मि| 05:23 07:07 | ||
| 07:07 08:51 | ||
| 08:51 10:35 | ||
| 10:35 12:19 | ||
| 12:19 14:03 | ||
| 14:03 15:47 | ||
| 15:47 17:31 | ||
| 17:31 19:15 |
रात के समय
8 · 1 घं 16 मि| 19:15 20:31 | ||
| 20:31 21:47 | ||
| 21:47 23:03 | ||
| 23:03 00:19 | ||
| 00:19 01:35 | ||
| 01:35 02:51 | ||
| 02:51 04:07 | ||
| 04:07 05:23 |
दिन के समय
8 · 1 घं 44 मि| 05:23 07:07 | ||
| 07:07 08:51 | ||
| 08:51 10:35 | ||
| 10:35 12:19 | ||
| 12:19 14:03 | ||
| 14:03 15:47 | ||
| 15:47 17:31 | ||
| 17:31 19:15 |
रात के समय
8 · 1 घं 16 मि| 19:15 20:31 | ||
| 20:31 21:47 | ||
| 21:47 23:03 | ||
| 23:03 00:19 | ||
| 00:19 01:35 | ||
| 01:35 02:51 | ||
| 02:51 04:07 | ||
| 04:07 05:23 |
| 04:02 → 04:42 | ||
| 11:51 → 12:47 | ||
| 07:01 → 08:30 | ||
| 10:35 → 12:19 | ||
| 15:47 → 17:31 | ||
| 07:07 → 08:51 | ||
| 22:08 → 23:37 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 4 जून 2027 की तिथि क्या है?
- 4 जून 2027 की तिथि अमावस्या है।
- 4 जून 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 4 जून 2027 का नक्षत्र कृत्तिका और योग सुकर्मा है।
- 4 जून 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:23 पर तथा सूर्यास्त 19:15 पर होगा।
- 4 जून 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:35–12:19 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।