Skip to main content
Kundli GPT

शुक्रवार, 6 जून 2025

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज शुक्रवार है। एकादशी तिथि 04:48 (कल) बजे तक, फिर द्वादशी 07:18 (कल) बजे तक रहेगी। हस्त नक्षत्र 06:34 बजे तक, उसके बाद चित्रा 09:40 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्यतीपात 10:14 बजे तक, फिर वरीयान् योग 11:19 (कल) बजे तक। वणिज करण 15:31 बजे तक, उसके बाद विष्टि 04:48 (कल) बजे तक, फिर बव 18:04 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:35 से 12:19) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • निर्जला एकादशी

      उसी दिन 02:16 अगले दिन 04:48

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • ज्येष्ठ · आषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • हस्त

      पिछले दिन 03:36 उसी दिन 06:34

    • चित्रा

      उसी दिन 06:34 अगले दिन 09:40

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • व्यतीपात

      पिछले दिन 09:15 उसी दिन 10:14

    • वरीयान्

      उसी दिन 10:14 अगले दिन 11:19

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • वणिज

      उसी दिन 02:16 उसी दिन 15:31

    • विष्टि

      उसी दिन 15:31 अगले दिन 04:48

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

शुक्ल एकादशी · शुक्र

00 06 12 18 चल · 05:22 – 07:07 लाभ · 07:07 – 08:51 अमृत · 08:51 – 10:35 काल · 10:35 – 12:19 शुभ · 12:19 – 14:04 रोग · 14:04 – 15:48 उद्वेग · 15:48 – 17:32 चल · 17:32 – 19:16 रोग · 19:16 – 20:32 काल · 20:32 – 21:48 लाभ · 21:48 – 23:04 उद्वेग · 23:04 – 00:19 शुभ · 00:19 – 01:35 अमृत · 01:35 – 02:51 चल · 02:51 – 04:07 रोग · 04:07 – 05:22 अमृत · 05:22 – 07:07 उद्योग · 07:07 – 08:51 चल · 08:51 – 10:35 काल · 10:35 – 12:19 शून्य · 12:19 – 14:04 लाभ · 14:04 – 15:48 शुभ · 15:48 – 17:32 रोग · 17:32 – 19:16 शुभ · 19:16 – 20:32 शून्य · 20:32 – 21:48 लाभ · 21:48 – 23:04 चल · 23:04 – 00:19 रोग · 00:19 – 01:35 काल · 01:35 – 02:51 अमृत · 02:51 – 04:07 उद्योग · 04:07 – 05:22 ब्रह्म मुहूर्त · 04:02 – 04:42 अभिजित मुहूर्त · 11:52 – 12:47 अमृत काल · 23:50 – 01:38 राहु काल · 10:35 – 12:19 यमगण्ड काल · 15:48 – 17:32 गुलिक काल · 07:07 – 08:51 वर्ज्यम् · 13:03 – 14:50

6 जून

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 44 मि
05:22
07:07
08:51
10:35
12:19
14:04
15:48
17:32

रात के समय

8 · 1 घं 16 मि
19:16
20:32
21:48
23:04
00:19
01:35
02:51
04:07

दिन के समय

8 · 1 घं 44 मि
05:22
07:07
08:51
10:35
12:19
14:04
15:48
17:32

रात के समय

8 · 1 घं 16 मि
19:16
20:32
21:48
23:04
00:19
01:35
02:51
04:07
04:02 04:42
11:52 12:47
23:50 01:38
10:35 12:19
15:48 17:32
07:07 08:51
13:03 14:50

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 जून 2025 की तिथि क्या है?
6 जून 2025 की तिथि शुक्ल एकादशी है।
6 जून 2025 का नक्षत्र क्या है?
6 जून 2025 का नक्षत्र हस्त और योग व्यतीपात है।
6 जून 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:22 पर तथा सूर्यास्त 19:16 पर होगा।
6 जून 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 10:35–12:19 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।