सोमवार, 7 जून 2027
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। तृतीया तिथि 15:26 बजे तक, फिर चतुर्थी 12:22 (कल) बजे तक रहेगी। पुनर्वसु नक्षत्र 23:46 बजे तक, उसके बाद पुष्य 21:37 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वृद्धि 00:59 (कल) बजे तक, फिर ध्रुव योग 21:30 (कल) बजे तक। गर करण 15:26 बजे तक, उसके बाद वणिज 01:52 (कल) बजे तक, फिर विष्टि 12:22 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:07 से 08:51) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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शुक्ल तृतीया
पिछले दिन 18:41 उसी दिन 15:26
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शुक्ल चतुर्थी
उसी दिन 15:26 अगले दिन 12:22
तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।
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सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
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ज्येष्ठ · आषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
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पुनर्वसु
उसी दिन 02:08 उसी दिन 23:46
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पुष्य
उसी दिन 23:46 अगले दिन 21:37
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
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वृद्धि
उसी दिन 04:39 अगले दिन 00:59
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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गर
उसी दिन 05:02 उसी दिन 15:26
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वणिज
उसी दिन 15:26 अगले दिन 01:52
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
शुक्ल तृतीया · सोम
7 जून
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 44 मि| 05:22 07:07 | ||
| 07:07 08:51 | ||
| 08:51 10:35 | ||
| 10:35 12:20 | ||
| 12:20 14:04 | ||
| 14:04 15:48 | ||
| 15:48 17:32 | ||
| 17:32 19:17 |
रात के समय
8 · 1 घं 16 मि| 19:17 20:32 | ||
| 20:32 21:48 | ||
| 21:48 23:04 | ||
| 23:04 00:20 | ||
| 00:20 01:35 | ||
| 01:35 02:51 | ||
| 02:51 04:07 | ||
| 04:07 05:22 |
दिन के समय
8 · 1 घं 44 मि| 05:22 07:07 | ||
| 07:07 08:51 | ||
| 08:51 10:35 | ||
| 10:35 12:20 | ||
| 12:20 14:04 | ||
| 14:04 15:48 | ||
| 15:48 17:32 | ||
| 17:32 19:17 |
रात के समय
8 · 1 घं 16 मि| 19:17 20:32 | ||
| 20:32 21:48 | ||
| 21:48 23:04 | ||
| 23:04 00:20 | ||
| 00:20 01:35 | ||
| 01:35 02:51 | ||
| 02:51 04:07 | ||
| 04:07 05:22 |
| 04:02 → 04:42 | ||
| 11:52 → 12:47 | ||
| 21:36 → 23:03 | ||
| 07:07 → 08:51 | ||
| 10:35 → 12:20 | ||
| 14:04 → 15:48 | ||
| 12:57 → 14:24 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 7 जून 2027 की तिथि क्या है?
- 7 जून 2027 की तिथि शुक्ल तृतीया है।
- 7 जून 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 7 जून 2027 का नक्षत्र पुनर्वसु और योग वृद्धि है।
- 7 जून 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:22 पर तथा सूर्यास्त 19:17 पर होगा।
- 7 जून 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 07:07–08:51 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।