रविवार, 8 जून 2025
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। द्वादशी तिथि 07:18 बजे तक, फिर त्रयोदशी 09:36 (कल) बजे तक रहेगी। स्वाति नक्षत्र 12:41 बजे तक, उसके बाद विशाखा 15:30 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग परिघ 12:16 बजे तक, फिर शिव योग 13:07 (कल) बजे तक। बालव करण 07:18 बजे तक, उसके बाद कौलव 20:29 बजे तक, फिर तैतिल 09:36 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:33 से 19:17) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक ज्येष्ठ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल द्वादशी
पिछले दिन04:48उसी दिन07:18
शुक्ल त्रयोदशी
उसी दिन07:18अगले दिन09:36
द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तज्येष्ठपूर्णिमान्तज्येष्ठ
नक्षत्र · योग · करण
स्वाति
पिछले दिन09:39उसी दिन12:41
विशाखा
उसी दिन12:41अगले दिन15:30
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
परिघ
पिछले दिन11:16उसी दिन12:16
शिव
उसी दिन12:16अगले दिन13:07
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
बालव
पिछले दिन18:04उसी दिन07:18
कौलव
उसी दिन07:18उसी दिन20:29
तैतिल
उसी दिन20:29अगले दिन09:36
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल द्वादशी · रवि
8 जून
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:2207:07 | ||
| 07:0708:51 | ||
| 08:5110:35 | ||
| 10:3512:20 | ||
| 12:2014:04 | ||
| 14:0415:49 | ||
| 15:4917:33 | ||
| 17:3319:17 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:1720:33 | ||
| 20:3321:49 | ||
| 21:4923:04 | ||
| 23:0400:20 | ||
| 00:2001:35 | ||
| 01:3502:51 | ||
| 02:5104:07 | ||
| 04:0705:22 |
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:2207:07 | ||
| 07:0708:51 | ||
| 08:5110:35 | ||
| 10:3512:20 | ||
| 12:2014:04 | ||
| 14:0415:49 | ||
| 15:4917:33 | ||
| 17:3319:17 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:1720:33 | ||
| 20:3321:49 | ||
| 21:4923:04 | ||
| 23:0400:20 | ||
| 00:2001:35 | ||
| 01:3502:51 | ||
| 02:5104:07 | ||
| 04:0705:22 |
| 04:02→04:42 | ||
| 11:52→12:48 | ||
| 02:46→04:34 | ||
| 17:33→19:17 | ||
| 12:20→14:04 | ||
| 15:49→17:33 | ||
| 15:57→17:45 |
दिन के घंटे
12·1 घं 10 मि| 05:2206:32 | ||
| 06:3207:41 | ||
| 07:4108:51 | ||
| 08:5110:01 | ||
| 10:0111:10 | ||
| 11:1012:20 | ||
| 12:2013:29 | ||
| 13:2914:39 | ||
| 14:3915:49 | ||
| 15:4916:58 | ||
| 16:5818:08 | ||
| 18:0819:17 |
रात के घंटे
12·50 मि| 19:1720:08 | ||
| 20:0820:58 | ||
| 20:5821:49 | ||
| 21:4922:39 | ||
| 22:3923:29 | ||
| 23:2900:20 | ||
| 00:2001:10 | ||
| 01:1002:01 | ||
| 02:0102:51 | ||
| 02:5103:41 | ||
| 03:4104:32 | ||
| 04:3205:22 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 8 जून 2025 की तिथि क्या है?
- 8 जून 2025 की तिथि शुक्ल द्वादशी है।
- 8 जून 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 8 जून 2025 का नक्षत्र स्वाति और योग परिघ है।
- 8 जून 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:22 पर तथा सूर्यास्त 19:17 पर होगा।
- 8 जून 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 17:33–19:17 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

