शुक्रवार, 1 मार्च 2024
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। षष्ठी तिथि 07:54 (कल) बजे तक, फिर सप्तमी 08:45 (कल) बजे तक रहेगी। स्वाति नक्षत्र 12:48 बजे तक, उसके बाद विशाखा 14:41 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ध्रुव 18:13 बजे तक, फिर व्याघात योग 18:05 (कल) बजे तक। गर करण 19:12 बजे तक, उसके बाद वणिज 07:54 (कल) बजे तक, फिर विष्टि 20:25 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (11:06 से 12:33) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक माघ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण षष्ठी
उसी दिन06:22अगले दिन07:54
षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तमाघपूर्णिमान्तफाल्गुन
नक्षत्र · योग · करण
स्वाति
पिछले दिन10:21उसी दिन12:48
विशाखा
उसी दिन12:48अगले दिन14:41
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
ध्रुव
पिछले दिन17:55उसी दिन18:13
व्याघात
उसी दिन18:13अगले दिन18:05
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
गर
उसी दिन06:22उसी दिन19:12
वणिज
उसी दिन19:12अगले दिन07:54
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण षष्ठी · शुक्र
1 मार्च
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 27 मि| 06:4608:12 | ||
| 08:1209:39 | ||
| 09:3911:06 | ||
| 11:0612:33 | ||
| 12:3314:00 | ||
| 14:0015:27 | ||
| 15:2716:54 | ||
| 16:5418:21 |
रात के समय
8·1 घं 33 मि| 18:2119:54 | ||
| 19:5421:27 | ||
| 21:2723:00 | ||
| 23:0000:33 | ||
| 00:3302:06 | ||
| 02:0603:39 | ||
| 03:3905:11 | ||
| 05:1106:44 |
दिन के समय
8·1 घं 27 मि| 06:4608:12 | ||
| 08:1209:39 | ||
| 09:3911:06 | ||
| 11:0612:33 | ||
| 12:3314:00 | ||
| 14:0015:27 | ||
| 15:2716:54 | ||
| 16:5418:21 |
रात के समय
8·1 घं 33 मि| 18:2119:54 | ||
| 19:5421:27 | ||
| 21:2723:00 | ||
| 23:0000:33 | ||
| 00:3302:06 | ||
| 02:0603:39 | ||
| 03:3905:11 | ||
| 05:1106:44 |
| 05:06→05:56 | ||
| 12:10→12:56 | ||
| 03:06→04:52 | ||
| 11:06→12:33 | ||
| 15:27→16:54 | ||
| 08:12→09:39 | ||
| 16:32→18:17 |
दिन के घंटे
12·58 मि| 06:4607:43 | ||
| 07:4308:41 | ||
| 08:4109:39 | ||
| 09:3910:37 | ||
| 10:3711:35 | ||
| 11:3512:33 | ||
| 12:3313:31 | ||
| 13:3114:29 | ||
| 14:2915:27 | ||
| 15:2716:25 | ||
| 16:2517:23 | ||
| 17:2318:21 |
रात के घंटे
12·1 घं 2 मि| 18:2119:23 | ||
| 19:2320:25 | ||
| 20:2521:27 | ||
| 21:2722:29 | ||
| 22:2923:31 | ||
| 23:3100:33 | ||
| 00:3301:35 | ||
| 01:3502:37 | ||
| 02:3703:39 | ||
| 03:3904:41 | ||
| 04:4105:42 | ||
| 05:4206:44 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 1 मार्च 2024 की तिथि क्या है?
- 1 मार्च 2024 की तिथि कृष्ण षष्ठी है।
- 1 मार्च 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 1 मार्च 2024 का नक्षत्र स्वाति और योग ध्रुव है।
- 1 मार्च 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:46 पर तथा सूर्यास्त 18:21 पर होगा।
- 1 मार्च 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 11:06–12:33 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

