बुधवार, 11 मार्च 2026
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। अष्टमी तिथि 04:19 (कल) बजे तक, फिर नवमी 06:29 (कल) बजे तक रहेगी। ज्येष्ठा नक्षत्र 21:59 बजे तक, उसके बाद मूल 00:42 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वज्र 09:10 बजे तक, फिर सिद्धि योग 09:57 (कल) बजे तक। बालव करण 15:08 बजे तक, उसके बाद कौलव 04:19 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 17:27 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:31 से 14:00) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक फाल्गुन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण अष्टमी
उसी दिन01:54अगले दिन04:19
अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तफाल्गुनपूर्णिमान्तचैत्र
नक्षत्र · योग · करण
ज्येष्ठा
पिछले दिन19:04उसी दिन21:59
मूल
उसी दिन21:59अगले दिन00:42
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
वज्र
पिछले दिन08:19उसी दिन09:10
सिद्धि
उसी दिन09:10अगले दिन09:57
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
बालव
उसी दिन01:54उसी दिन15:08
कौलव
उसी दिन15:08अगले दिन04:19
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण अष्टमी · बुध
11 मार्च
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 29 मि| 06:3508:04 | ||
| 08:0409:33 | ||
| 09:3311:02 | ||
| 11:0212:31 | ||
| 12:3114:00 | ||
| 14:0015:29 | ||
| 15:2916:58 | ||
| 16:5818:27 |
रात के समय
8·1 घं 31 मि| 18:2719:58 | ||
| 19:5821:28 | ||
| 21:2822:59 | ||
| 22:5900:30 | ||
| 00:3002:01 | ||
| 02:0103:32 | ||
| 03:3205:03 | ||
| 05:0306:34 |
दिन के समय
8·1 घं 29 मि| 06:3508:04 | ||
| 08:0409:33 | ||
| 09:3311:02 | ||
| 11:0212:31 | ||
| 12:3114:00 | ||
| 14:0015:29 | ||
| 15:2916:58 | ||
| 16:5818:27 |
रात के समय
8·1 घं 31 मि| 18:2719:58 | ||
| 19:5821:28 | ||
| 21:2822:59 | ||
| 22:5900:30 | ||
| 00:3002:01 | ||
| 02:0103:32 | ||
| 03:3205:03 | ||
| 05:0306:34 |
| 04:58→05:47 | ||
| 12:07→13:55 | ||
| 12:31→14:00 | ||
| 08:04→09:33 | ||
| 11:02→12:31 | ||
| 01:21→03:09 |
दिन के घंटे
12·59 मि| 06:3507:34 | ||
| 07:3408:34 | ||
| 08:3409:33 | ||
| 09:3310:32 | ||
| 10:3211:32 | ||
| 11:3212:31 | ||
| 12:3113:30 | ||
| 13:3014:29 | ||
| 14:2915:29 | ||
| 15:2916:28 | ||
| 16:2817:27 | ||
| 17:2718:27 |
रात के घंटे
12·1 घं 1 मि| 18:2719:27 | ||
| 19:2720:28 | ||
| 20:2821:28 | ||
| 21:2822:29 | ||
| 22:2923:30 | ||
| 23:3000:30 | ||
| 00:3001:31 | ||
| 01:3102:32 | ||
| 02:3203:32 | ||
| 03:3204:33 | ||
| 04:3305:33 | ||
| 05:3306:34 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 11 मार्च 2026 की तिथि क्या है?
- 11 मार्च 2026 की तिथि कृष्ण अष्टमी है।
- 11 मार्च 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 11 मार्च 2026 का नक्षत्र ज्येष्ठा और योग वज्र है।
- 11 मार्च 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:35 पर तथा सूर्यास्त 18:27 पर होगा।
- 11 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:31–14:00 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

