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Kundli GPT

शनिवार, 13 मार्च 2027

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज शनिवार है। पंचमी तिथि 13:54 बजे तक, फिर षष्ठी 12:32 (कल) बजे तक रहेगी। भरणी नक्षत्र 11:02 बजे तक, उसके बाद कृत्तिका 10:22 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वैधृति 19:29 बजे तक, फिर विष्कुम्भ योग 17:09 (कल) बजे तक। बालव करण 13:54 बजे तक, उसके बाद कौलव 01:16 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 12:32 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:32 से 11:01) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल पंचमी

      पिछले दिन 14:57 उसी दिन 13:54

    • शुक्ल षष्ठी

      उसी दिन 13:54 अगले दिन 12:32

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • शनिवार

    शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • फाल्गुन · चैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • भरणी

      पिछले दिन 11:21 उसी दिन 11:02

    • कृत्तिका

      उसी दिन 11:02 अगले दिन 10:22

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • वैधृति

      पिछले दिन 21:33 उसी दिन 19:29

    • विष्कुम्भ

      उसी दिन 19:29 अगले दिन 17:09

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • बालव

      उसी दिन 02:28 उसी दिन 13:54

    • कौलव

      उसी दिन 13:54 अगले दिन 01:16

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल पंचमी · शनि

00 06 12 18 काल · 06:33 – 08:03 शुभ · 08:03 – 09:32 रोग · 09:32 – 11:01 उद्वेग · 11:01 – 12:30 चल · 12:30 – 14:00 लाभ · 14:00 – 15:29 अमृत · 15:29 – 16:58 काल · 16:58 – 18:28 काल · 18:28 – 19:58 लाभ · 19:58 – 21:29 उद्वेग · 21:29 – 22:59 शुभ · 22:59 – 00:30 अमृत · 00:30 – 02:00 चल · 02:00 – 03:31 रोग · 03:31 – 05:02 काल · 05:02 – 06:32 काल · 06:33 – 08:03 चल · 08:03 – 09:32 उद्योग · 09:32 – 11:01 अमृत · 11:01 – 12:30 लाभ · 12:30 – 14:00 रोग · 14:00 – 15:29 शुभ · 15:29 – 16:58 शून्य · 16:58 – 18:28 अमृत · 18:28 – 19:58 रोग · 19:58 – 21:29 शून्य · 21:29 – 22:59 उद्योग · 22:59 – 00:30 शुभ · 00:30 – 02:00 लाभ · 02:00 – 03:31 चल · 03:31 – 05:02 काल · 05:02 – 06:32 ब्रह्म मुहूर्त · 04:56 – 05:45 अभिजित मुहूर्त · 12:07 – 12:54 अमृत काल · 06:18 – 07:53 राहु काल · 09:32 – 11:01 यमगण्ड काल · 14:00 – 15:29 गुलिक काल · 06:33 – 08:03 वर्ज्यम् · 20:50 – 22:24 शनि · 06:33 – 07:33 गुरु · 07:33 – 08:32 मंगल · 08:32 – 09:32 सूर्य · 09:32 – 10:31 शुक्र · 10:31 – 11:31 बुध · 11:31 – 12:30 चंद्र · 12:30 – 13:30 शनि · 13:30 – 14:30 गुरु · 14:30 – 15:29 मंगल · 15:29 – 16:29 सूर्य · 16:29 – 17:28 शुक्र · 17:28 – 18:28 बुध · 18:28 – 19:28 चंद्र · 19:28 – 20:28 शनि · 20:28 – 21:29 गुरु · 21:29 – 22:29 मंगल · 22:29 – 23:30 सूर्य · 23:30 – 00:30 शुक्र · 00:30 – 01:30 बुध · 01:30 – 02:31 चंद्र · 02:31 – 03:31 शनि · 03:31 – 04:31 गुरु · 04:31 – 05:32 मंगल · 05:32 – 06:32

13 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 29 मि
06:33
08:03
09:32
11:01
12:30
14:00
15:29
16:58

रात के समय

8 · 1 घं 31 मि
18:28
19:58
21:29
22:59
00:30
02:00
03:31
05:02

दिन के समय

8 · 1 घं 29 मि
06:33
08:03
09:32
11:01
12:30
14:00
15:29
16:58

रात के समय

8 · 1 घं 31 मि
18:28
19:58
21:29
22:59
00:30
02:00
03:31
05:02
04:56 05:45
12:07 12:54
06:18 07:53
09:32 11:01
14:00 15:29
06:33 08:03
20:50 22:24

दिन के घंटे

12 · 1 घं
06:33
07:33
08:32
09:32
10:31
11:31
12:30
13:30
14:30
15:29
16:29
17:28

रात के घंटे

12 · 1 घं
18:28
19:28
20:28
21:29
22:29
23:30
00:30
01:30
02:31
03:31
04:31
05:32

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

13 मार्च 2027 की तिथि क्या है?
13 मार्च 2027 की तिथि शुक्ल पंचमी है।
13 मार्च 2027 का नक्षत्र क्या है?
13 मार्च 2027 का नक्षत्र भरणी और योग वैधृति है।
13 मार्च 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:33 पर तथा सूर्यास्त 18:28 पर होगा।
13 मार्च 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 09:32–11:01 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।