सोमवार, 18 मार्च 2024
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। नवमी तिथि 22:49 बजे तक, फिर दशमी 00:22 (कल) बजे तक रहेगी। आर्द्रा नक्षत्र 18:10 बजे तक, उसके बाद पुनर्वसु 20:09 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सौभाग्य 16:35 बजे तक, फिर शोभन योग 16:35 (कल) बजे तक। बालव करण 10:16 बजे तक, उसके बाद कौलव 22:49 बजे तक, फिर तैतिल 11:31 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:57 से 09:28) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य मीन राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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शुक्ल नवमी
पिछले दिन 21:53 उसी दिन 22:49
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शुक्ल दशमी
उसी दिन 22:49 अगले दिन 00:22
नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।
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सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
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चैत्र · वैशाख
नक्षत्र · योग · करण
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आर्द्रा
पिछले दिन 16:47 उसी दिन 18:10
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पुनर्वसु
उसी दिन 18:10 अगले दिन 20:09
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
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सौभाग्य
पिछले दिन 17:04 उसी दिन 16:35
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शोभन
उसी दिन 16:35 अगले दिन 16:35
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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बालव
पिछले दिन 21:53 उसी दिन 10:16
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कौलव
उसी दिन 10:16 उसी दिन 22:49
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तैतिल
उसी दिन 22:49 अगले दिन 11:31
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल नवमी · सोम
18 मार्च
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 31 मि| 06:27 07:57 | ||
| 07:57 09:28 | ||
| 09:28 10:58 | ||
| 10:58 12:29 | ||
| 12:29 13:59 | ||
| 13:59 15:30 | ||
| 15:30 17:00 | ||
| 17:00 18:31 |
रात के समय
8 · 1 घं 29 मि| 18:31 20:00 | ||
| 20:00 21:30 | ||
| 21:30 22:59 | ||
| 22:59 00:28 | ||
| 00:28 01:58 | ||
| 01:58 03:27 | ||
| 03:27 04:56 | ||
| 04:56 06:26 |
दिन के समय
8 · 1 घं 31 मि| 06:27 07:57 | ||
| 07:57 09:28 | ||
| 09:28 10:58 | ||
| 10:58 12:29 | ||
| 12:29 13:59 | ||
| 13:59 15:30 | ||
| 15:30 17:00 | ||
| 17:00 18:31 |
रात के समय
8 · 1 घं 29 मि| 18:31 20:00 | ||
| 20:00 21:30 | ||
| 21:30 22:59 | ||
| 22:59 00:28 | ||
| 00:28 01:58 | ||
| 01:58 03:27 | ||
| 03:27 04:56 | ||
| 04:56 06:26 |
| 04:51 → 05:39 | ||
| 12:05 → 12:53 | ||
| 07:35 → 09:17 | ||
| 07:57 → 09:28 | ||
| 10:58 → 12:29 | ||
| 13:59 → 15:30 | ||
| 01:40 → 03:21 |
दिन के घंटे
12 · 1 घं| 06:27 07:27 | ||
| 07:27 08:27 | ||
| 08:27 09:28 | ||
| 09:28 10:28 | ||
| 10:28 11:28 | ||
| 11:28 12:29 | ||
| 12:29 13:29 | ||
| 13:29 14:30 | ||
| 14:30 15:30 | ||
| 15:30 16:30 | ||
| 16:30 17:31 | ||
| 17:31 18:31 |
रात के घंटे
12 · 1 घं| 18:31 19:31 | ||
| 19:31 20:30 | ||
| 20:30 21:30 | ||
| 21:30 22:29 | ||
| 22:29 23:29 | ||
| 23:29 00:28 | ||
| 00:28 01:28 | ||
| 01:28 02:27 | ||
| 02:27 03:27 | ||
| 03:27 04:26 | ||
| 04:26 05:26 | ||
| 05:26 06:26 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 18 मार्च 2024 की तिथि क्या है?
- 18 मार्च 2024 की तिथि शुक्ल नवमी है।
- 18 मार्च 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 18 मार्च 2024 का नक्षत्र आर्द्रा और योग सौभाग्य है।
- 18 मार्च 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:27 पर तथा सूर्यास्त 18:31 पर होगा।
- 18 मार्च 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 07:57–09:28 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।