सोमवार, 25 मार्च 2024
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। पूर्णिमा तिथि 12:30 बजे तक, फिर प्रतिपदा 14:56 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र 10:37 बजे तक, उसके बाद हस्त 13:33 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वृद्धि 21:29 बजे तक, फिर ध्रुव योग 22:17 (कल) बजे तक। बव करण 12:30 बजे तक, उसके बाद बालव 01:44 (कल) बजे तक, फिर कौलव 14:56 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:51 से 09:23) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य मीन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक फाल्गुन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
पूर्णिमा
पिछले दिन09:55उसी दिन12:30
कृष्ण प्रतिपदा
उसी दिन12:30अगले दिन14:56
पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।
सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तफाल्गुनपूर्णिमान्तफाल्गुन
नक्षत्र · योग · करण
उत्तर फाल्गुनी
पिछले दिन07:33उसी दिन10:37
हस्त
उसी दिन10:37अगले दिन13:33
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
वृद्धि
पिछले दिन20:33उसी दिन21:29
ध्रुव
उसी दिन21:29अगले दिन22:17
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बव
पिछले दिन23:13उसी दिन12:30
बालव
उसी दिन12:30अगले दिन01:44
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
पूर्णिमा · सोम
25 मार्च
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 32 मि| 06:1907:51 | ||
| 07:5109:23 | ||
| 09:2310:55 | ||
| 10:5512:27 | ||
| 12:2713:59 | ||
| 13:5915:31 | ||
| 15:3117:03 | ||
| 17:0318:35 |
रात के समय
8·1 घं 28 मि| 18:3520:03 | ||
| 20:0321:31 | ||
| 21:3122:58 | ||
| 22:5800:26 | ||
| 00:2601:54 | ||
| 01:5403:22 | ||
| 03:2204:50 | ||
| 04:5006:17 |
दिन के समय
8·1 घं 32 मि| 06:1907:51 | ||
| 07:5109:23 | ||
| 09:2310:55 | ||
| 10:5512:27 | ||
| 12:2713:59 | ||
| 13:5915:31 | ||
| 15:3117:03 | ||
| 17:0318:35 |
रात के समय
8·1 घं 28 मि| 18:3520:03 | ||
| 20:0321:31 | ||
| 21:3122:58 | ||
| 22:5800:26 | ||
| 00:2601:54 | ||
| 01:5403:22 | ||
| 03:2204:50 | ||
| 04:5006:17 |
| 04:45→05:32 | ||
| 12:02→12:51 | ||
| 02:30→04:18 | ||
| 07:51→09:23 | ||
| 10:55→12:27 | ||
| 13:59→15:31 | ||
| 15:40→17:28 |
दिन के घंटे
12·1 घं 1 मि| 06:1907:20 | ||
| 07:2008:21 | ||
| 08:2109:23 | ||
| 09:2310:24 | ||
| 10:2411:25 | ||
| 11:2512:27 | ||
| 12:2713:28 | ||
| 13:2814:29 | ||
| 14:2915:31 | ||
| 15:3116:32 | ||
| 16:3217:34 | ||
| 17:3418:35 |
रात के घंटे
12·59 मि| 18:3519:33 | ||
| 19:3320:32 | ||
| 20:3221:31 | ||
| 21:3122:29 | ||
| 22:2923:28 | ||
| 23:2800:26 | ||
| 00:2601:25 | ||
| 01:2502:23 | ||
| 02:2303:22 | ||
| 03:2204:20 | ||
| 04:2005:19 | ||
| 05:1906:17 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 25 मार्च 2024 की तिथि क्या है?
- 25 मार्च 2024 की तिथि पूर्णिमा है।
- 25 मार्च 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 25 मार्च 2024 का नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग वृद्धि है।
- 25 मार्च 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:19 पर तथा सूर्यास्त 18:35 पर होगा।
- 25 मार्च 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 07:51–09:23 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

