रविवार, 29 मार्च 2026
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। एकादशी तिथि 07:46 बजे तक, फिर द्वादशी 07:10 (कल) बजे तक रहेगी। आश्लेषा नक्षत्र 14:37 बजे तक, उसके बाद मघा 14:47 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग धृति 18:18 बजे तक, फिर शूल योग 16:50 (कल) बजे तक। विष्टि करण 07:46 बजे तक, उसके बाद बव 19:25 बजे तक, फिर बालव 07:10 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:04 से 18:37) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य मीन राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कामदा एकादशी
पिछले दिन 08:46 उसी दिन 07:46
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शुक्ल द्वादशी
उसी दिन 07:46 अगले दिन 07:10
एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।
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रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
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चैत्र · वैशाख
नक्षत्र · योग · करण
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आश्लेषा
पिछले दिन 14:49 उसी दिन 14:37
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मघा
उसी दिन 14:37 अगले दिन 14:47
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
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धृति
पिछले दिन 20:04 उसी दिन 18:18
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शूल
उसी दिन 18:18 अगले दिन 16:50
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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विष्टि
पिछले दिन 20:13 उसी दिन 07:46
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बव
उसी दिन 07:46 उसी दिन 19:25
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बालव
उसी दिन 19:25 अगले दिन 07:10
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल एकादशी · रवि
29 मार्च
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 33 मि| 06:15 07:47 | ||
| 07:47 09:20 | ||
| 09:20 10:53 | ||
| 10:53 12:26 | ||
| 12:26 13:58 | ||
| 13:58 15:31 | ||
| 15:31 17:04 | ||
| 17:04 18:37 |
रात के समय
8 · 1 घं 27 मि| 18:37 20:04 | ||
| 20:04 21:31 | ||
| 21:31 22:58 | ||
| 22:58 00:25 | ||
| 00:25 01:52 | ||
| 01:52 03:19 | ||
| 03:19 04:46 | ||
| 04:46 06:13 |
दिन के समय
8 · 1 घं 33 मि| 06:15 07:47 | ||
| 07:47 09:20 | ||
| 09:20 10:53 | ||
| 10:53 12:26 | ||
| 12:26 13:58 | ||
| 13:58 15:31 | ||
| 15:31 17:04 | ||
| 17:04 18:37 |
रात के समय
8 · 1 घं 27 मि| 18:37 20:04 | ||
| 20:04 21:31 | ||
| 21:31 22:58 | ||
| 22:58 00:25 | ||
| 00:25 01:52 | ||
| 01:52 03:19 | ||
| 03:19 04:46 | ||
| 04:46 06:13 |
| 04:41 → 05:28 | ||
| 12:01 → 12:50 | ||
| 13:02 → 14:37 | ||
| 17:04 → 18:37 | ||
| 12:26 → 13:58 | ||
| 15:31 → 17:04 | ||
| 03:31 → 05:06 |
दिन के घंटे
12 · 1 घं 2 मि| 06:15 07:16 | ||
| 07:16 08:18 | ||
| 08:18 09:20 | ||
| 09:20 10:22 | ||
| 10:22 11:24 | ||
| 11:24 12:26 | ||
| 12:26 13:28 | ||
| 13:28 14:29 | ||
| 14:29 15:31 | ||
| 15:31 16:33 | ||
| 16:33 17:35 | ||
| 17:35 18:37 |
रात के घंटे
12 · 58 मि| 18:37 19:35 | ||
| 19:35 20:33 | ||
| 20:33 21:31 | ||
| 21:31 22:29 | ||
| 22:29 23:27 | ||
| 23:27 00:25 | ||
| 00:25 01:23 | ||
| 01:23 02:21 | ||
| 02:21 03:19 | ||
| 03:19 04:17 | ||
| 04:17 05:15 | ||
| 05:15 06:13 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 29 मार्च 2026 की तिथि क्या है?
- 29 मार्च 2026 की तिथि शुक्ल एकादशी है।
- 29 मार्च 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 29 मार्च 2026 का नक्षत्र आश्लेषा और योग धृति है।
- 29 मार्च 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:15 पर तथा सूर्यास्त 18:37 पर होगा।
- 29 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 17:04–18:37 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।