शुक्रवार, 5 मार्च 2027
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। द्वादशी तिथि 09:54 बजे तक, फिर त्रयोदशी 12:03 (कल) बजे तक रहेगी। श्रवण नक्षत्र 04:19 (कल) बजे तक, उसके बाद धनिष्ठा 06:41 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग परिघ 02:40 (कल) बजे तक, फिर शिव योग 03:03 (कल) बजे तक। तैतिल करण 09:54 बजे तक, उसके बाद गर 23:02 बजे तक, फिर वणिज 12:03 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (11:05 से 12:32) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक माघ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण द्वादशी
पिछले दिन07:24उसी दिन09:54
कृष्ण त्रयोदशी
उसी दिन09:54अगले दिन12:03
द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तमाघपूर्णिमान्तफाल्गुन
नक्षत्र · योग · करण
श्रवण · पाद 1
उसी दिन01:34अगले दिन04:19
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
परिघ
उसी दिन01:59अगले दिन02:40
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
तैतिल
पिछले दिन20:41उसी दिन09:54
गर
उसी दिन09:54उसी दिन23:02
वणिज
उसी दिन23:02अगले दिन12:03
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण द्वादशी · शुक्र
5 मार्च
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 28 मि| 06:4208:10 | ||
| 08:1009:37 | ||
| 09:3711:05 | ||
| 11:0512:32 | ||
| 12:3214:00 | ||
| 14:0015:28 | ||
| 15:2816:55 | ||
| 16:5518:23 |
रात के समय
8·1 घं 32 मि| 18:2319:55 | ||
| 19:5521:27 | ||
| 21:2723:00 | ||
| 23:0000:32 | ||
| 00:3202:04 | ||
| 02:0403:36 | ||
| 03:3605:09 | ||
| 05:0906:41 |
दिन के समय
8·1 घं 28 मि| 06:4208:10 | ||
| 08:1009:37 | ||
| 09:3711:05 | ||
| 11:0512:32 | ||
| 12:3214:00 | ||
| 14:0015:28 | ||
| 15:2816:55 | ||
| 16:5518:23 |
रात के समय
8·1 घं 32 मि| 18:2319:55 | ||
| 19:5521:27 | ||
| 21:2723:00 | ||
| 23:0000:32 | ||
| 00:3202:04 | ||
| 02:0403:36 | ||
| 03:3605:09 | ||
| 05:0906:41 |
| 05:03→05:53 | ||
| 12:09→12:56 | ||
| 16:44→18:31 | ||
| 11:05→12:32 | ||
| 15:28→16:55 | ||
| 08:10→09:37 | ||
| 06:02→07:49 |
दिन के घंटे
12·58 मि| 06:4207:40 | ||
| 07:4008:39 | ||
| 08:3909:37 | ||
| 09:3710:36 | ||
| 10:3611:34 | ||
| 11:3412:32 | ||
| 12:3213:31 | ||
| 13:3114:29 | ||
| 14:2915:28 | ||
| 15:2816:26 | ||
| 16:2617:24 | ||
| 17:2418:23 |
रात के घंटे
12·1 घं 2 मि| 18:2319:24 | ||
| 19:2420:26 | ||
| 20:2621:27 | ||
| 21:2722:29 | ||
| 22:2923:30 | ||
| 23:3000:32 | ||
| 00:3201:33 | ||
| 01:3302:35 | ||
| 02:3503:36 | ||
| 03:3604:38 | ||
| 04:3805:39 | ||
| 05:3906:41 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 5 मार्च 2027 की तिथि क्या है?
- 5 मार्च 2027 की तिथि कृष्ण द्वादशी है।
- 5 मार्च 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 5 मार्च 2027 का नक्षत्र श्रवण और योग परिघ है।
- 5 मार्च 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:42 पर तथा सूर्यास्त 18:23 पर होगा।
- 5 मार्च 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 11:05–12:32 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

