शुक्रवार, 10 मई 2024
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। तृतीया तिथि 02:50 (कल) बजे तक, फिर चतुर्थी 02:04 (कल) बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र 10:46 बजे तक, उसके बाद मृगशिरा 10:15 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग अतिगण्ड 12:05 बजे तक, फिर सुकर्मा योग 10:01 (कल) बजे तक। तैतिल करण 15:29 बजे तक, उसके बाद गर 02:50 (कल) बजे तक, फिर वणिज 14:21 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:36 से 12:17) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक वैशाख
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल तृतीया
उसी दिन04:18अगले दिन02:50
तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तवैशाखपूर्णिमान्तवैशाख
नक्षत्र · योग · करण
रोहिणी
पिछले दिन11:55उसी दिन10:46
मृगशिरा
उसी दिन10:46अगले दिन10:15
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
अतिगण्ड
पिछले दिन14:40उसी दिन12:05
सुकर्मा
उसी दिन12:05अगले दिन10:01
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
तैतिल
उसी दिन04:18उसी दिन15:29
गर
उसी दिन15:29अगले दिन02:50
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल तृतीया · शुक्र
10 मई
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 41 मि| 05:3307:14 | ||
| 07:1408:55 | ||
| 08:5510:36 | ||
| 10:3612:17 | ||
| 12:1713:58 | ||
| 13:5815:39 | ||
| 15:3917:20 | ||
| 17:2019:02 |
रात के समय
8·1 घं 19 मि| 19:0220:20 | ||
| 20:2021:39 | ||
| 21:3922:58 | ||
| 22:5800:17 | ||
| 00:1701:36 | ||
| 01:3602:55 | ||
| 02:5504:13 | ||
| 04:1305:32 |
दिन के समय
8·1 घं 41 मि| 05:3307:14 | ||
| 07:1408:55 | ||
| 08:5510:36 | ||
| 10:3612:17 | ||
| 12:1713:58 | ||
| 13:5815:39 | ||
| 15:3917:20 | ||
| 17:2019:02 |
रात के समय
8·1 घं 19 मि| 19:0220:20 | ||
| 20:2021:39 | ||
| 21:3922:58 | ||
| 22:5800:17 | ||
| 00:1701:36 | ||
| 01:3602:55 | ||
| 02:5504:13 | ||
| 04:1305:32 |
| 04:09→04:51 | ||
| 11:50→12:44 | ||
| 07:43→09:15 | ||
| 10:36→12:17 | ||
| 15:39→17:20 | ||
| 07:14→08:55 | ||
| 03:09→04:40 |
दिन के घंटे
12·1 घं 7 मि| 05:3306:40 | ||
| 06:4007:48 | ||
| 07:4808:55 | ||
| 08:5510:02 | ||
| 10:0211:10 | ||
| 11:1012:17 | ||
| 12:1713:25 | ||
| 13:2514:32 | ||
| 14:3215:39 | ||
| 15:3916:47 | ||
| 16:4717:54 | ||
| 17:5419:02 |
रात के घंटे
12·53 मि| 19:0219:54 | ||
| 19:5420:47 | ||
| 20:4721:39 | ||
| 21:3922:32 | ||
| 22:3223:24 | ||
| 23:2400:17 | ||
| 00:1701:09 | ||
| 01:0902:02 | ||
| 02:0202:55 | ||
| 02:5503:47 | ||
| 03:4704:40 | ||
| 04:4005:32 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 10 मई 2024 की तिथि क्या है?
- 10 मई 2024 की तिथि शुक्ल तृतीया है।
- 10 मई 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 10 मई 2024 का नक्षत्र रोहिणी और योग अतिगण्ड है।
- 10 मई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:33 पर तथा सूर्यास्त 19:02 पर होगा।
- 10 मई 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:36–12:17 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

