सोमवार, 10 मई 2027
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। चतुर्थी तिथि 06:23 बजे तक, फिर पंचमी 03:48 (कल) बजे तक रहेगी। आर्द्रा नक्षत्र 18:07 बजे तक, उसके बाद पुनर्वसु 16:25 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग धृति 20:05 बजे तक, फिर शूल योग 16:58 (कल) बजे तक। विष्टि करण 06:23 बजे तक, उसके बाद बव 17:04 बजे तक, फिर बालव 03:48 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:14 से 08:55) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक वैशाख
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल चतुर्थी
पिछले दिन09:03उसी दिन06:23
शुक्ल पंचमी
उसी दिन06:23अगले दिन03:48
चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।
सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तवैशाखपूर्णिमान्तवैशाख
नक्षत्र · योग · करण
आर्द्रा
पिछले दिन19:58उसी दिन18:07
पुनर्वसु
उसी दिन18:07अगले दिन16:25
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
धृति
पिछले दिन23:19उसी दिन20:05
शूल
उसी दिन20:05अगले दिन16:58
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
विष्टि
पिछले दिन19:43उसी दिन06:23
बव
उसी दिन06:23उसी दिन17:04
बालव
उसी दिन17:04अगले दिन03:48
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल चतुर्थी · सोम
10 मई
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 41 मि| 05:3307:14 | ||
| 07:1408:55 | ||
| 08:5510:36 | ||
| 10:3612:17 | ||
| 12:1713:58 | ||
| 13:5815:39 | ||
| 15:3917:20 | ||
| 17:2019:01 |
रात के समय
8·1 घं 19 मि| 19:0120:20 | ||
| 20:2021:39 | ||
| 21:3922:58 | ||
| 22:5800:17 | ||
| 00:1701:36 | ||
| 01:3602:55 | ||
| 02:5504:14 | ||
| 04:1405:33 |
दिन के समय
8·1 घं 41 मि| 05:3307:14 | ||
| 07:1408:55 | ||
| 08:5510:36 | ||
| 10:3612:17 | ||
| 12:1713:58 | ||
| 13:5815:39 | ||
| 15:3917:20 | ||
| 17:2019:01 |
रात के समय
8·1 घं 19 मि| 19:0120:20 | ||
| 20:2021:39 | ||
| 21:3922:58 | ||
| 22:5800:17 | ||
| 00:1701:36 | ||
| 01:3602:55 | ||
| 02:5504:14 | ||
| 04:1405:33 |
| 04:09→04:51 | ||
| 11:50→12:44 | ||
| 08:54→10:22 | ||
| 07:14→08:55 | ||
| 10:36→12:17 | ||
| 13:58→15:39 | ||
| 03:43→05:12 |
दिन के घंटे
12·1 घं 7 मि| 05:3306:41 | ||
| 06:4107:48 | ||
| 07:4808:55 | ||
| 08:5510:03 | ||
| 10:0311:10 | ||
| 11:1012:17 | ||
| 12:1713:25 | ||
| 13:2514:32 | ||
| 14:3215:39 | ||
| 15:3916:47 | ||
| 16:4717:54 | ||
| 17:5419:01 |
रात के घंटे
12·53 मि| 19:0119:54 | ||
| 19:5420:46 | ||
| 20:4621:39 | ||
| 21:3922:32 | ||
| 22:3223:24 | ||
| 23:2400:17 | ||
| 00:1701:10 | ||
| 01:1002:02 | ||
| 02:0202:55 | ||
| 02:5503:47 | ||
| 03:4704:40 | ||
| 04:4005:33 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 10 मई 2027 की तिथि क्या है?
- 10 मई 2027 की तिथि शुक्ल चतुर्थी है।
- 10 मई 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 10 मई 2027 का नक्षत्र आर्द्रा और योग धृति है।
- 10 मई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:33 पर तथा सूर्यास्त 19:01 पर होगा।
- 10 मई 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 07:14–08:55 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

