गुरुवार, 15 मई 2025
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। तृतीया तिथि 04:03 (कल) बजे तक, फिर चतुर्थी 05:13 (कल) बजे तक रहेगी। ज्येष्ठा नक्षत्र 14:07 बजे तक, उसके बाद मूल 16:07 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शिव 07:00 बजे तक, फिर सिद्ध योग 07:13 (कल) बजे तक। वणिज करण 15:19 बजे तक, उसके बाद विष्टि 04:03 (कल) बजे तक, फिर बव 16:41 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:59 से 15:41) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण तृतीया
उसी दिन 02:29 अगले दिन 04:03
तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।
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गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
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ज्येष्ठ · आषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
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ज्येष्ठा
पिछले दिन 11:46 उसी दिन 14:07
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मूल
उसी दिन 14:07 अगले दिन 16:07
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
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शिव
पिछले दिन 06:32 उसी दिन 07:00
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सिद्ध
उसी दिन 07:00 अगले दिन 07:13
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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वणिज
उसी दिन 02:29 उसी दिन 15:19
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विष्टि
उसी दिन 15:19 अगले दिन 04:03
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण तृतीया · गुरु
15 मई
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 42 मि| 05:30 07:12 | ||
| 07:12 08:54 | ||
| 08:54 10:35 | ||
| 10:35 12:17 | ||
| 12:17 13:59 | ||
| 13:59 15:41 | ||
| 15:41 17:23 | ||
| 17:23 19:04 |
रात के समय
8 · 1 घं 18 मि| 19:04 20:23 | ||
| 20:23 21:41 | ||
| 21:41 22:59 | ||
| 22:59 00:17 | ||
| 00:17 01:35 | ||
| 01:35 02:53 | ||
| 02:53 04:11 | ||
| 04:11 05:29 |
दिन के समय
8 · 1 घं 42 मि| 05:30 07:12 | ||
| 07:12 08:54 | ||
| 08:54 10:35 | ||
| 10:35 12:17 | ||
| 12:17 13:59 | ||
| 13:59 15:41 | ||
| 15:41 17:23 | ||
| 17:23 19:04 |
रात के समय
8 · 1 घं 18 मि| 19:04 20:23 | ||
| 20:23 21:41 | ||
| 21:41 22:59 | ||
| 22:59 00:17 | ||
| 00:17 01:35 | ||
| 01:35 02:53 | ||
| 02:53 04:11 | ||
| 04:11 05:29 |
| 04:06 → 04:48 | ||
| 11:50 → 12:44 | ||
| 04:27 → 06:12 | ||
| 13:59 → 15:41 | ||
| 05:30 → 07:12 | ||
| 08:54 → 10:35 | ||
| 17:55 → 19:40 |
दिन के घंटे
12 · 1 घं 8 मि| 05:30 06:38 | ||
| 06:38 07:46 | ||
| 07:46 08:54 | ||
| 08:54 10:01 | ||
| 10:01 11:09 | ||
| 11:09 12:17 | ||
| 12:17 13:25 | ||
| 13:25 14:33 | ||
| 14:33 15:41 | ||
| 15:41 16:49 | ||
| 16:49 17:57 | ||
| 17:57 19:04 |
रात के घंटे
12 · 52 मि| 19:04 19:56 | ||
| 19:56 20:49 | ||
| 20:49 21:41 | ||
| 21:41 22:33 | ||
| 22:33 23:25 | ||
| 23:25 00:17 | ||
| 00:17 01:09 | ||
| 01:09 02:01 | ||
| 02:01 02:53 | ||
| 02:53 03:45 | ||
| 03:45 04:37 | ||
| 04:37 05:29 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 15 मई 2025 की तिथि क्या है?
- 15 मई 2025 की तिथि कृष्ण तृतीया है।
- 15 मई 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 15 मई 2025 का नक्षत्र ज्येष्ठा और योग शिव है।
- 15 मई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:30 पर तथा सूर्यास्त 19:04 पर होगा।
- 15 मई 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 13:59–15:41 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।