Skip to main content
Kundli GPT

शनिवार, 15 मई 2027

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज शनिवार है। दशमी तिथि 18:17 बजे तक, फिर एकादशी 17:13 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र 11:59 बजे तक, उसके बाद उत्तर फाल्गुनी 11:34 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्याघात 06:32 बजे तक, फिर हर्षण योग 04:29 (कल) बजे तक। तैतिल करण 06:56 बजे तक, उसके बाद गर 18:17 बजे तक, फिर वणिज 05:43 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (08:54 से 10:35) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल दशमी

      पिछले दिन 19:39 उसी दिन 18:17

    • मोहिनी एकादशी

      उसी दिन 18:17 अगले दिन 17:13

    दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।

  • शनिवार

    शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • वैशाख · ज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व फाल्गुनी

      पिछले दिन 12:41 उसी दिन 11:59

    • उत्तर फाल्गुनी

      उसी दिन 11:59 अगले दिन 11:34

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • व्याघात

      पिछले दिन 08:48 उसी दिन 06:32

    • हर्षण

      उसी दिन 06:32 अगले दिन 04:29

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • तैतिल

      पिछले दिन 19:39 उसी दिन 06:56

    • गर

      उसी दिन 06:56 उसी दिन 18:17

    • वणिज

      उसी दिन 18:17 अगले दिन 05:43

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल दशमी · शनि

00 06 12 18 काल · 05:30 – 07:12 शुभ · 07:12 – 08:54 रोग · 08:54 – 10:35 उद्वेग · 10:35 – 12:17 चल · 12:17 – 13:59 लाभ · 13:59 – 15:41 अमृत · 15:41 – 17:22 काल · 17:22 – 19:04 काल · 19:04 – 20:22 लाभ · 20:22 – 21:41 उद्वेग · 21:41 – 22:59 शुभ · 22:59 – 00:17 अमृत · 00:17 – 01:35 चल · 01:35 – 02:53 रोग · 02:53 – 04:11 काल · 04:11 – 05:30 काल · 05:30 – 07:12 चल · 07:12 – 08:54 उद्योग · 08:54 – 10:35 अमृत · 10:35 – 12:17 लाभ · 12:17 – 13:59 रोग · 13:59 – 15:41 शुभ · 15:41 – 17:22 शून्य · 17:22 – 19:04 अमृत · 19:04 – 20:22 रोग · 20:22 – 21:41 शून्य · 21:41 – 22:59 उद्योग · 22:59 – 00:17 शुभ · 00:17 – 01:35 लाभ · 01:35 – 02:53 चल · 02:53 – 04:11 काल · 04:11 – 05:30 ब्रह्म मुहूर्त · 04:07 – 04:48 अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:44 अमृत काल · 05:46 – 07:20 राहु काल · 08:54 – 10:35 यमगण्ड काल · 13:59 – 15:41 गुलिक काल · 05:30 – 07:12 वर्ज्यम् · 20:27 – 22:00 शनि · 05:30 – 06:38 गुरु · 06:38 – 07:46 मंगल · 07:46 – 08:54 सूर्य · 08:54 – 10:02 शुक्र · 10:02 – 11:09 बुध · 11:09 – 12:17 चंद्र · 12:17 – 13:25 शनि · 13:25 – 14:33 गुरु · 14:33 – 15:41 मंगल · 15:41 – 16:48 सूर्य · 16:48 – 17:56 शुक्र · 17:56 – 19:04 बुध · 19:04 – 19:56 चंद्र · 19:56 – 20:48 शनि · 20:48 – 21:41 गुरु · 21:41 – 22:33 मंगल · 22:33 – 23:25 सूर्य · 23:25 – 00:17 शुक्र · 00:17 – 01:09 बुध · 01:09 – 02:01 चंद्र · 02:01 – 02:53 शनि · 02:53 – 03:45 गुरु · 03:45 – 04:38 मंगल · 04:38 – 05:30

15 मई

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 42 मि
05:30
07:12
08:54
10:35
12:17
13:59
15:41
17:22

रात के समय

8 · 1 घं 18 मि
19:04
20:22
21:41
22:59
00:17
01:35
02:53
04:11

दिन के समय

8 · 1 घं 42 मि
05:30
07:12
08:54
10:35
12:17
13:59
15:41
17:22

रात के समय

8 · 1 घं 18 मि
19:04
20:22
21:41
22:59
00:17
01:35
02:53
04:11
04:07 04:48
11:50 12:44
05:46 07:20
08:54 10:35
13:59 15:41
05:30 07:12
20:27 22:00

दिन के घंटे

12 · 1 घं 8 मि
05:30
06:38
07:46
08:54
10:02
11:09
12:17
13:25
14:33
15:41
16:48
17:56

रात के घंटे

12 · 52 मि
19:04
19:56
20:48
21:41
22:33
23:25
00:17
01:09
02:01
02:53
03:45
04:38

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

15 मई 2027 की तिथि क्या है?
15 मई 2027 की तिथि शुक्ल दशमी है।
15 मई 2027 का नक्षत्र क्या है?
15 मई 2027 का नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग व्याघात है।
15 मई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:30 पर तथा सूर्यास्त 19:04 पर होगा।
15 मई 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 08:54–10:35 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।