रविवार, 17 मई 2026
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। प्रतिपदा तिथि 21:41 बजे तक, फिर द्वितीया 17:53 (कल) बजे तक रहेगी। कृत्तिका नक्षत्र 14:32 बजे तक, उसके बाद रोहिणी 11:32 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शोभन 06:16 बजे तक, फिर अतिगण्ड योग 02:01 (कल) बजे तक। किंस्तुघ्न करण 11:36 बजे तक, उसके बाद बव 21:41 बजे तक, फिर बालव 07:46 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:23 से 19:05) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक ज्येष्ठ
17 मई से 15 जून, 2026 तक
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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शुक्ल प्रतिपदा
उसी दिन 01:30 उसी दिन 21:41
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शुक्ल द्वितीया
उसी दिन 21:41 अगले दिन 17:53
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
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रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
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ज्येष्ठ · आषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
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कृत्तिका
पिछले दिन 17:31 उसी दिन 14:32
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रोहिणी
उसी दिन 14:32 अगले दिन 11:32
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
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शोभन
पिछले दिन 10:27 उसी दिन 06:16
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अतिगण्ड
उसी दिन 06:16 अगले दिन 02:01
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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किंस्तुघ्न
उसी दिन 01:30 उसी दिन 11:36
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बव
उसी दिन 11:36 उसी दिन 21:41
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बालव
उसी दिन 21:41 अगले दिन 07:46
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
शुक्ल प्रतिपदा · रवि
17 मई
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 42 मि| 05:29 07:11 | ||
| 07:11 08:53 | ||
| 08:53 10:35 | ||
| 10:35 12:17 | ||
| 12:17 13:59 | ||
| 13:59 15:41 | ||
| 15:41 17:23 | ||
| 17:23 19:05 |
रात के समय
8 · 1 घं 18 मि| 19:05 20:23 | ||
| 20:23 21:41 | ||
| 21:41 22:59 | ||
| 22:59 00:17 | ||
| 00:17 01:35 | ||
| 01:35 02:53 | ||
| 02:53 04:11 | ||
| 04:11 05:28 |
दिन के समय
8 · 1 घं 42 मि| 05:29 07:11 | ||
| 07:11 08:53 | ||
| 08:53 10:35 | ||
| 10:35 12:17 | ||
| 12:17 13:59 | ||
| 13:59 15:41 | ||
| 15:41 17:23 | ||
| 17:23 19:05 |
रात के समय
8 · 1 घं 18 मि| 19:05 20:23 | ||
| 20:23 21:41 | ||
| 21:41 22:59 | ||
| 22:59 00:17 | ||
| 00:17 01:35 | ||
| 01:35 02:53 | ||
| 02:53 04:11 | ||
| 04:11 05:28 |
| 04:06 → 04:47 | ||
| 11:50 → 12:44 | ||
| 12:26 → 13:50 | ||
| 17:23 → 19:05 | ||
| 12:17 → 13:59 | ||
| 15:41 → 17:23 | ||
| 04:01 → 05:26 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 17 मई 2026 की तिथि क्या है?
- 17 मई 2026 की तिथि शुक्ल प्रतिपदा है।
- 17 मई 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 17 मई 2026 का नक्षत्र कृत्तिका और योग शोभन है।
- 17 मई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:29 पर तथा सूर्यास्त 19:05 पर होगा।
- 17 मई 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 17:23–19:05 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।