रविवार, 19 मई 2024
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। एकादशी तिथि 13:50 बजे तक, फिर द्वादशी 15:59 (कल) बजे तक रहेगी। हस्त नक्षत्र 03:15 (कल) बजे तक, उसके बाद चित्रा 05:45 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वज्र 11:23 बजे तक, फिर सिद्धि योग 12:09 (कल) बजे तक। विष्टि करण 13:50 बजे तक, उसके बाद बव 02:57 (कल) बजे तक, फिर बालव 15:59 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:25 से 19:07) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक वैशाख
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
मोहिनी एकादशी
पिछले दिन11:23उसी दिन13:50
शुक्ल द्वादशी
उसी दिन13:50अगले दिन15:59
एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तवैशाखपूर्णिमान्तवैशाख
नक्षत्र · योग · करण
हस्त · पाद 1
उसी दिन00:22अगले दिन03:15
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
वज्र
पिछले दिन10:23उसी दिन11:23
सिद्धि
उसी दिन11:23अगले दिन12:09
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
विष्टि
उसी दिन00:38उसी दिन13:50
बव
उसी दिन13:50अगले दिन02:57
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल एकादशी · रवि
19 मई
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 42 मि| 05:2807:10 | ||
| 07:1008:52 | ||
| 08:5210:35 | ||
| 10:3512:17 | ||
| 12:1714:00 | ||
| 14:0015:42 | ||
| 15:4217:25 | ||
| 17:2519:07 |
रात के समय
8·1 घं 18 मि| 19:0720:24 | ||
| 20:2421:42 | ||
| 21:4223:00 | ||
| 23:0000:17 | ||
| 00:1701:35 | ||
| 01:3502:52 | ||
| 02:5204:10 | ||
| 04:1005:27 |
दिन के समय
8·1 घं 42 मि| 05:2807:10 | ||
| 07:1008:52 | ||
| 08:5210:35 | ||
| 10:3512:17 | ||
| 12:1714:00 | ||
| 14:0015:42 | ||
| 15:4217:25 | ||
| 17:2519:07 |
रात के समय
8·1 घं 18 मि| 19:0720:24 | ||
| 20:2421:42 | ||
| 21:4223:00 | ||
| 23:0000:17 | ||
| 00:1701:35 | ||
| 01:3502:52 | ||
| 02:5204:10 | ||
| 04:1005:27 |
| 04:05→04:46 | ||
| 11:50→12:45 | ||
| 20:32→22:20 | ||
| 17:25→19:07 | ||
| 12:17→14:00 | ||
| 15:42→17:25 | ||
| 09:47→11:34 |
दिन के घंटे
12·1 घं 8 मि| 05:2806:36 | ||
| 06:3607:44 | ||
| 07:4408:52 | ||
| 08:5210:01 | ||
| 10:0111:09 | ||
| 11:0912:17 | ||
| 12:1713:26 | ||
| 13:2614:34 | ||
| 14:3415:42 | ||
| 15:4216:50 | ||
| 16:5017:59 | ||
| 17:5919:07 |
रात के घंटे
12·52 मि| 19:0719:59 | ||
| 19:5920:50 | ||
| 20:5021:42 | ||
| 21:4222:34 | ||
| 22:3423:25 | ||
| 23:2500:17 | ||
| 00:1701:09 | ||
| 01:0902:00 | ||
| 02:0002:52 | ||
| 02:5203:44 | ||
| 03:4404:36 | ||
| 04:3605:27 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 19 मई 2024 की तिथि क्या है?
- 19 मई 2024 की तिथि शुक्ल एकादशी है।
- 19 मई 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 19 मई 2024 का नक्षत्र हस्त और योग वज्र है।
- 19 मई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:28 पर तथा सूर्यास्त 19:07 पर होगा।
- 19 मई 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 17:25–19:07 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

