रविवार, 2 मई 2027
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। एकादशी तिथि 19:52 बजे तक, फिर द्वादशी 20:04 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र 02:39 (कल) बजे तक, उसके बाद उत्तर भाद्रपदा 03:18 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ऐन्द्र 18:28 बजे तक, फिर वैधृति योग 17:38 (कल) बजे तक। बव करण 07:28 बजे तक, उसके बाद बालव 19:52 बजे तक, फिर कौलव 08:04 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:17 से 18:56) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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अपरा एकादशी
पिछले दिन 18:54 उसी दिन 19:52
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कृष्ण द्वादशी
उसी दिन 19:52 अगले दिन 20:04
एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।
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रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
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वैशाख · ज्येष्ठ
नक्षत्र · योग · करण
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पूर्व भाद्रपदा · पाद 1
उसी दिन 01:15 अगले दिन 02:39
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
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ऐन्द्र
पिछले दिन 18:42 उसी दिन 18:28
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वैधृति
उसी दिन 18:28 अगले दिन 17:38
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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बव
पिछले दिन 18:54 उसी दिन 07:28
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बालव
उसी दिन 07:28 उसी दिन 19:52
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कौलव
उसी दिन 19:52 अगले दिन 08:04
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण एकादशी · रवि
2 मई
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 40 मि| 05:40 07:19 | ||
| 07:19 08:59 | ||
| 08:59 10:38 | ||
| 10:38 12:18 | ||
| 12:18 13:57 | ||
| 13:57 15:37 | ||
| 15:37 17:17 | ||
| 17:17 18:56 |
रात के समय
8 · 1 घं 20 मि| 18:56 20:17 | ||
| 20:17 21:37 | ||
| 21:37 22:57 | ||
| 22:57 00:17 | ||
| 00:17 01:38 | ||
| 01:38 02:58 | ||
| 02:58 04:18 | ||
| 04:18 05:39 |
दिन के समय
8 · 1 घं 40 मि| 05:40 07:19 | ||
| 07:19 08:59 | ||
| 08:59 10:38 | ||
| 10:38 12:18 | ||
| 12:18 13:57 | ||
| 13:57 15:37 | ||
| 15:37 17:17 | ||
| 17:17 18:56 |
रात के समय
8 · 1 घं 20 मि| 18:56 20:17 | ||
| 20:17 21:37 | ||
| 21:37 22:57 | ||
| 22:57 00:17 | ||
| 00:17 01:38 | ||
| 01:38 02:58 | ||
| 02:58 04:18 | ||
| 04:18 05:39 |
| 04:14 → 04:57 | ||
| 11:51 → 12:44 | ||
| 18:11 → 19:53 | ||
| 17:17 → 18:56 | ||
| 12:18 → 13:57 | ||
| 15:37 → 17:17 | ||
| 08:01 → 09:43 |
दिन के घंटे
12 · 1 घं 6 मि| 05:40 06:46 | ||
| 06:46 07:52 | ||
| 07:52 08:59 | ||
| 08:59 10:05 | ||
| 10:05 11:12 | ||
| 11:12 12:18 | ||
| 12:18 13:24 | ||
| 13:24 14:31 | ||
| 14:31 15:37 | ||
| 15:37 16:43 | ||
| 16:43 17:50 | ||
| 17:50 18:56 |
रात के घंटे
12 · 54 मि| 18:56 19:50 | ||
| 19:50 20:43 | ||
| 20:43 21:37 | ||
| 21:37 22:30 | ||
| 22:30 23:24 | ||
| 23:24 00:17 | ||
| 00:17 01:11 | ||
| 01:11 02:05 | ||
| 02:05 02:58 | ||
| 02:58 03:52 | ||
| 03:52 04:45 | ||
| 04:45 05:39 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 2 मई 2027 की तिथि क्या है?
- 2 मई 2027 की तिथि कृष्ण एकादशी है।
- 2 मई 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 2 मई 2027 का नक्षत्र पूर्व भाद्रपदा और योग ऐन्द्र है।
- 2 मई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:40 पर तथा सूर्यास्त 18:56 पर होगा।
- 2 मई 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 17:17–18:56 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।