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बुधवार, 20 मई 2026

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज बुधवार है। चतुर्थी तिथि 11:07 बजे तक, फिर पंचमी 08:27 (कल) बजे तक रहेगी। आर्द्रा नक्षत्र 06:11 बजे तक, उसके बाद पुनर्वसु 04:11 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शूल 14:08 बजे तक, फिर गण्ड योग 10:57 (कल) बजे तक। विष्टि करण 11:07 बजे तक, उसके बाद बव 21:42 बजे तक, फिर बालव 08:27 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:17 से 14:00) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

पुरुषोत्तम मास

अधिक ज्येष्ठ

17 मई से 15 जून, 2026 तक

पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल चतुर्थी

      पिछले दिन14:18उसी दिन11:07

    • शुक्ल पंचमी

      उसी दिन11:07अगले दिन08:27

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • बुधवार

    बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तअधिक ज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तअधिक ज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • आर्द्रा

      पिछले दिन08:41उसी दिन06:11

    • पुनर्वसु

      उसी दिन06:11अगले दिन04:11

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • शूल

      पिछले दिन17:47उसी दिन14:08

    • गण्ड

      उसी दिन14:08अगले दिन10:57

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • विष्टि

      उसी दिन00:39उसी दिन11:07

    • बव

      उसी दिन11:07उसी दिन21:42

    • बालव

      उसी दिन21:42अगले दिन08:27

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल चतुर्थी · बुध

00061218लाभ · 05:27 – 07:10अमृत · 07:10 – 08:52काल · 08:52 – 10:35शुभ · 10:35 – 12:17रोग · 12:17 – 14:00उद्वेग · 14:00 – 15:42चल · 15:42 – 17:25लाभ · 17:25 – 19:07उद्वेग · 19:07 – 20:25शुभ · 20:25 – 21:42अमृत · 21:42 – 23:00चल · 23:00 – 00:17रोग · 00:17 – 01:35काल · 01:35 – 02:52लाभ · 02:52 – 04:09उद्वेग · 04:09 – 05:27लाभ · 05:27 – 07:10शुभ · 07:10 – 08:52अमृत · 08:52 – 10:35चल · 10:35 – 12:17उद्योग · 12:17 – 14:00शून्य · 14:00 – 15:42रोग · 15:42 – 17:25काल · 17:25 – 19:07शून्य · 19:07 – 20:25रोग · 20:25 – 21:42काल · 21:42 – 23:00शुभ · 23:00 – 00:17चल · 00:17 – 01:35अमृत · 01:35 – 02:52उद्योग · 02:52 – 04:09लाभ · 04:09 – 05:27ब्रह्म मुहूर्त · 04:05 – 04:46अमृत काल · 21:13 – 22:39राहु काल · 12:17 – 14:00यमगण्ड काल · 07:10 – 08:52गुलिक काल · 10:35 – 12:17वर्ज्यम् · 16:12 – 17:38बुध · 05:27 – 06:36चंद्र · 06:36 – 07:44शनि · 07:44 – 08:52गुरु · 08:52 – 10:01मंगल · 10:01 – 11:09सूर्य · 11:09 – 12:17शुक्र · 12:17 – 13:26बुध · 13:26 – 14:34चंद्र · 14:34 – 15:42शनि · 15:42 – 16:51गुरु · 16:51 – 17:59मंगल · 17:59 – 19:07सूर्य · 19:07 – 19:59शुक्र · 19:59 – 20:51बुध · 20:51 – 21:42चंद्र · 21:42 – 22:34शनि · 22:34 – 23:25गुरु · 23:25 – 00:17मंगल · 00:17 – 01:09सूर्य · 01:09 – 02:00शुक्र · 02:00 – 02:52बुध · 02:52 – 03:44चंद्र · 03:44 – 04:35शनि · 04:35 – 05:27

20 मई

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 42 मि
05:27
07:10
08:52
10:35
12:17
14:00
15:42
17:25

रात के समय

8·1 घं 17 मि
19:07
20:25
21:42
23:00
00:17
01:35
02:52
04:09

दिन के समय

8·1 घं 42 मि
05:27
07:10
08:52
10:35
12:17
14:00
15:42
17:25

रात के समय

8·1 घं 17 मि
19:07
20:25
21:42
23:00
00:17
01:35
02:52
04:09
04:0504:46
21:1322:39
12:1714:00
07:1008:52
10:3512:17
16:1217:38

दिन के घंटे

12·1 घं 8 मि
05:27
06:36
07:44
08:52
10:01
11:09
12:17
13:26
14:34
15:42
16:51
17:59

रात के घंटे

12·52 मि
19:07
19:59
20:51
21:42
22:34
23:25
00:17
01:09
02:00
02:52
03:44
04:35

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 मई 2026 की तिथि क्या है?
20 मई 2026 की तिथि शुक्ल चतुर्थी है।
20 मई 2026 का नक्षत्र क्या है?
20 मई 2026 का नक्षत्र आर्द्रा और योग शूल है।
20 मई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:27 पर तथा सूर्यास्त 19:07 पर होगा।
20 मई 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 12:17–14:00 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।