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Kundli GPT

शनिवार, 31 मई 2025

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज शनिवार है। पंचमी तिथि 20:15 बजे तक, फिर षष्ठी 20:00 (कल) बजे तक रहेगी। पुष्य नक्षत्र 21:06 बजे तक, उसके बाद आश्लेषा 21:36 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वृद्धि 10:42 बजे तक, फिर ध्रुव योग 09:10 (कल) बजे तक। बव करण 08:43 बजे तक, उसके बाद बालव 20:15 बजे तक, फिर कौलव 08:01 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (08:51 से 10:35) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल पंचमी

      पिछले दिन 21:23 उसी दिन 20:15

    • शुक्ल षष्ठी

      उसी दिन 20:15 अगले दिन 20:00

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • शनिवार

    शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • ज्येष्ठ · आषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • पुष्य

      पिछले दिन 21:28 उसी दिन 21:06

    • आश्लेषा

      उसी दिन 21:06 अगले दिन 21:36

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • वृद्धि

      पिछले दिन 12:55 उसी दिन 10:42

    • ध्रुव

      उसी दिन 10:42 अगले दिन 09:10

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      पिछले दिन 21:23 उसी दिन 08:43

    • बालव

      उसी दिन 08:43 उसी दिन 20:15

    • कौलव

      उसी दिन 20:15 अगले दिन 08:01

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल पंचमी · शनि

00 06 12 18 काल · 05:23 – 07:07 शुभ · 07:07 – 08:51 रोग · 08:51 – 10:35 उद्वेग · 10:35 – 12:18 चल · 12:18 – 14:02 लाभ · 14:02 – 15:46 अमृत · 15:46 – 17:30 काल · 17:30 – 19:14 काल · 19:14 – 20:30 लाभ · 20:30 – 21:46 उद्वेग · 21:46 – 23:02 शुभ · 23:02 – 00:18 अमृत · 00:18 – 01:35 चल · 01:35 – 02:51 रोग · 02:51 – 04:07 काल · 04:07 – 05:23 काल · 05:23 – 07:07 चल · 07:07 – 08:51 उद्योग · 08:51 – 10:35 अमृत · 10:35 – 12:18 लाभ · 12:18 – 14:02 रोग · 14:02 – 15:46 शुभ · 15:46 – 17:30 शून्य · 17:30 – 19:14 अमृत · 19:14 – 20:30 रोग · 20:30 – 21:46 शून्य · 21:46 – 23:02 उद्योग · 23:02 – 00:18 शुभ · 00:18 – 01:35 लाभ · 01:35 – 02:51 चल · 02:51 – 04:07 काल · 04:07 – 05:23 ब्रह्म मुहूर्त · 04:02 – 04:43 अभिजित मुहूर्त · 11:51 – 12:46 अमृत काल · 14:48 – 16:23 राहु काल · 08:51 – 10:35 यमगण्ड काल · 14:02 – 15:46 गुलिक काल · 05:23 – 07:07 वर्ज्यम् · 05:21 – 06:56 शनि · 05:23 – 06:33 गुरु · 06:33 – 07:42 मंगल · 07:42 – 08:51 सूर्य · 08:51 – 10:00 शुक्र · 10:00 – 11:09 बुध · 11:09 – 12:18 चंद्र · 12:18 – 13:28 शनि · 13:28 – 14:37 गुरु · 14:37 – 15:46 मंगल · 15:46 – 16:55 सूर्य · 16:55 – 18:04 शुक्र · 18:04 – 19:14 बुध · 19:14 – 20:04 चंद्र · 20:04 – 20:55 शनि · 20:55 – 21:46 गुरु · 21:46 – 22:37 मंगल · 22:37 – 23:28 सूर्य · 23:28 – 00:18 शुक्र · 00:18 – 01:09 बुध · 01:09 – 02:00 चंद्र · 02:00 – 02:51 शनि · 02:51 – 03:42 गुरु · 03:42 – 04:32 मंगल · 04:32 – 05:23

31 मई

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:18
14:02
15:46
17:30

रात के समय

8 · 1 घं 16 मि
19:14
20:30
21:46
23:02
00:18
01:35
02:51
04:07

दिन के समय

8 · 1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:18
14:02
15:46
17:30

रात के समय

8 · 1 घं 16 मि
19:14
20:30
21:46
23:02
00:18
01:35
02:51
04:07
04:02 04:43
11:51 12:46
14:48 16:23
08:51 10:35
14:02 15:46
05:23 07:07
05:21 06:56

दिन के घंटे

12 · 1 घं 9 मि
05:23
06:33
07:42
08:51
10:00
11:09
12:18
13:28
14:37
15:46
16:55
18:04

रात के घंटे

12 · 51 मि
19:14
20:04
20:55
21:46
22:37
23:28
00:18
01:09
02:00
02:51
03:42
04:32

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

31 मई 2025 की तिथि क्या है?
31 मई 2025 की तिथि शुक्ल पंचमी है।
31 मई 2025 का नक्षत्र क्या है?
31 मई 2025 का नक्षत्र पुष्य और योग वृद्धि है।
31 मई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:23 पर तथा सूर्यास्त 19:14 पर होगा।
31 मई 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 08:51–10:35 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।