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मंगलवार, 4 मई 2027

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज मंगलवार है। त्रयोदशी तिथि 19:31 बजे तक, फिर चतुर्दशी 18:17 (कल) बजे तक रहेगी। रेवती नक्षत्र 03:14 (कल) बजे तक, उसके बाद अश्विनी 02:31 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग विष्कुम्भ 16:12 बजे तक, फिर प्रीति योग 14:13 (कल) बजे तक। गर करण 07:53 बजे तक, उसके बाद वणिज 19:31 बजे तक, फिर विष्टि 06:58 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:38 से 17:18) के दौरान टालें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण त्रयोदशी

      पिछले दिन20:04उसी दिन19:31

    • कृष्ण चतुर्दशी

      उसी दिन19:31अगले दिन18:17

    त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • रेवती · पाद 1

      उसी दिन03:18अगले दिन03:14

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • विष्कुम्भ

      पिछले दिन17:38उसी दिन16:12

    • प्रीति

      उसी दिन16:12अगले दिन14:13

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • गर

      पिछले दिन20:04उसी दिन07:53

    • वणिज

      उसी दिन07:53उसी दिन19:31

    • विष्टि

      उसी दिन19:31अगले दिन06:58

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण त्रयोदशी · मंगल

00061218रोग · 05:38 – 07:18उद्वेग · 07:18 – 08:58चल · 08:58 – 10:38लाभ · 10:38 – 12:18अमृत · 12:18 – 13:58काल · 13:58 – 15:38शुभ · 15:38 – 17:18रोग · 17:18 – 18:57लाभ · 18:57 – 20:17उद्वेग · 20:17 – 21:37शुभ · 21:37 – 22:57अमृत · 22:57 – 00:17चल · 00:17 – 01:37रोग · 01:37 – 02:57काल · 02:57 – 04:17लाभ · 04:17 – 05:37रोग · 05:38 – 07:18काल · 07:18 – 08:58लाभ · 08:58 – 10:38उद्योग · 10:38 – 12:18चल · 12:18 – 13:58अमृत · 13:58 – 15:38शून्य · 15:38 – 17:18शुभ · 17:18 – 18:57काल · 18:57 – 20:17शून्य · 20:17 – 21:37रोग · 21:37 – 22:57लाभ · 22:57 – 00:17अमृत · 00:17 – 01:37उद्योग · 01:37 – 02:57चल · 02:57 – 04:17शुभ · 04:17 – 05:37ब्रह्म मुहूर्त · 04:12 – 04:55अभिजित मुहूर्त · 11:51 – 12:44अमृत काल · 00:50 – 02:26राहु काल · 15:38 – 17:18यमगण्ड काल · 08:58 – 10:38गुलिक काल · 12:18 – 13:58वर्ज्यम् · 15:16 – 16:52मंगल · 05:38 – 06:45सूर्य · 06:45 – 07:51शुक्र · 07:51 – 08:58बुध · 08:58 – 10:04चंद्र · 10:04 – 11:11शनि · 11:11 – 12:18गुरु · 12:18 – 13:24मंगल · 13:24 – 14:31सूर्य · 14:31 – 15:38शुक्र · 15:38 – 16:44बुध · 16:44 – 17:51चंद्र · 17:51 – 18:57शनि · 18:57 – 19:51गुरु · 19:51 – 20:44मंगल · 20:44 – 21:37सूर्य · 21:37 – 22:31शुक्र · 22:31 – 23:24बुध · 23:24 – 00:17चंद्र · 00:17 – 01:11शनि · 01:11 – 02:04गुरु · 02:04 – 02:57मंगल · 02:57 – 03:51सूर्य · 03:51 – 04:44शुक्र · 04:44 – 05:37

4 मई

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 40 मि
05:38
07:18
08:58
10:38
12:18
13:58
15:38
17:18

रात के समय

8·1 घं 20 मि
18:57
20:17
21:37
22:57
00:17
01:37
02:57
04:17

दिन के समय

8·1 घं 40 मि
05:38
07:18
08:58
10:38
12:18
13:58
15:38
17:18

रात के समय

8·1 घं 20 मि
18:57
20:17
21:37
22:57
00:17
01:37
02:57
04:17
04:1204:55
11:5112:44
00:5002:26
15:3817:18
08:5810:38
12:1813:58
15:1616:52

दिन के घंटे

12·1 घं 7 मि
05:38
06:45
07:51
08:58
10:04
11:11
12:18
13:24
14:31
15:38
16:44
17:51

रात के घंटे

12·53 मि
18:57
19:51
20:44
21:37
22:31
23:24
00:17
01:11
02:04
02:57
03:51
04:44

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 मई 2027 की तिथि क्या है?
4 मई 2027 की तिथि कृष्ण त्रयोदशी है।
4 मई 2027 का नक्षत्र क्या है?
4 मई 2027 का नक्षत्र रेवती और योग विष्कुम्भ है।
4 मई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:38 पर तथा सूर्यास्त 18:57 पर होगा।
4 मई 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 15:38–17:18 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।