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Kundli GPT

रविवार, 5 मई 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज रविवार है। द्वादशी तिथि 17:42 बजे तक, फिर त्रयोदशी 14:40 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र 19:57 बजे तक, उसके बाद रेवती 17:42 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वैधृति 07:36 बजे तक, फिर विष्कुम्भ योग 04:02 (कल) बजे तक। कौलव करण 07:11 बजे तक, उसके बाद तैतिल 17:42 बजे तक, फिर गर 04:11 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:18 से 18:58) के दौरान टालें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण द्वादशी

      पिछले दिन 20:39 उसी दिन 17:42

    • कृष्ण त्रयोदशी

      उसी दिन 17:42 अगले दिन 14:40

    द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।

  • रविवार

    रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • वैशाख · ज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर भाद्रपदा

      पिछले दिन 22:06 उसी दिन 19:57

    • रेवती

      उसी दिन 19:57 अगले दिन 17:42

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • वैधृति

      पिछले दिन 11:02 उसी दिन 07:36

    • विष्कुम्भ

      उसी दिन 07:36 अगले दिन 04:02

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • कौलव

      पिछले दिन 20:39 उसी दिन 07:11

    • तैतिल

      उसी दिन 07:11 उसी दिन 17:42

    • गर

      उसी दिन 17:42 अगले दिन 04:11

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण द्वादशी · रवि

00 06 12 18 उद्वेग · 05:37 – 07:17 चल · 07:17 – 08:57 लाभ · 08:57 – 10:37 अमृत · 10:37 – 12:18 काल · 12:18 – 13:58 शुभ · 13:58 – 15:38 रोग · 15:38 – 17:18 उद्वेग · 17:18 – 18:58 शुभ · 18:58 – 20:18 अमृत · 20:18 – 21:38 चल · 21:38 – 22:57 रोग · 22:57 – 00:17 काल · 00:17 – 01:37 लाभ · 01:37 – 02:56 उद्वेग · 02:56 – 04:16 शुभ · 04:16 – 05:36 उद्योग · 05:37 – 07:17 अमृत · 07:17 – 08:57 काल · 08:57 – 10:37 शुभ · 10:37 – 12:18 रोग · 12:18 – 13:58 शून्य · 13:58 – 15:38 लाभ · 15:38 – 17:18 चल · 17:18 – 18:58 शून्य · 18:58 – 20:18 लाभ · 20:18 – 21:38 चल · 21:38 – 22:57 रोग · 22:57 – 00:17 काल · 00:17 – 01:37 शुभ · 01:37 – 02:56 अमृत · 02:56 – 04:16 उद्योग · 04:16 – 05:36 ब्रह्म मुहूर्त · 04:11 – 04:54 अभिजित मुहूर्त · 11:51 – 12:44 अमृत काल · 15:35 – 17:02 राहु काल · 17:18 – 18:58 यमगण्ड काल · 12:18 – 13:58 गुलिक काल · 15:38 – 17:18 वर्ज्यम् · 06:51 – 08:18 सूर्य · 05:37 – 06:43 शुक्र · 06:43 – 07:50 बुध · 07:50 – 08:57 चंद्र · 08:57 – 10:04 शनि · 10:04 – 11:11 गुरु · 11:11 – 12:18 मंगल · 12:18 – 13:24 सूर्य · 13:24 – 14:31 शुक्र · 14:31 – 15:38 बुध · 15:38 – 16:45 चंद्र · 16:45 – 17:52 शनि · 17:52 – 18:58 गुरु · 18:58 – 19:52 मंगल · 19:52 – 20:45 सूर्य · 20:45 – 21:38 शुक्र · 21:38 – 22:31 बुध · 22:31 – 23:24 चंद्र · 23:24 – 00:17 शनि · 00:17 – 01:10 गुरु · 01:10 – 02:03 मंगल · 02:03 – 02:56 सूर्य · 02:56 – 03:50 शुक्र · 03:50 – 04:43 बुध · 04:43 – 05:36

5 मई

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 40 मि
05:37
07:17
08:57
10:37
12:18
13:58
15:38
17:18

रात के समय

8 · 1 घं 20 मि
18:58
20:18
21:38
22:57
00:17
01:37
02:56
04:16

दिन के समय

8 · 1 घं 40 मि
05:37
07:17
08:57
10:37
12:18
13:58
15:38
17:18

रात के समय

8 · 1 घं 20 मि
18:58
20:18
21:38
22:57
00:17
01:37
02:56
04:16
04:11 04:54
11:51 12:44
15:35 17:02
17:18 18:58
12:18 13:58
15:38 17:18
06:51 08:18

दिन के घंटे

12 · 1 घं 7 मि
05:37
06:43
07:50
08:57
10:04
11:11
12:18
13:24
14:31
15:38
16:45
17:52

रात के घंटे

12 · 53 मि
18:58
19:52
20:45
21:38
22:31
23:24
00:17
01:10
02:03
02:56
03:50
04:43

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 मई 2024 की तिथि क्या है?
5 मई 2024 की तिथि कृष्ण द्वादशी है।
5 मई 2024 का नक्षत्र क्या है?
5 मई 2024 का नक्षत्र उत्तर भाद्रपदा और योग वैधृति है।
5 मई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:37 पर तथा सूर्यास्त 18:58 पर होगा।
5 मई 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 17:18–18:58 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।