सोमवार, 17 नवंबर 2025
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। त्रयोदशी तिथि कल सुबह तक है, फिर चतुर्दशी शुरू होगी। त्रयोदशी उत्साह की तिथि है, उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा चित्रा नक्षत्र में कल तड़के तक है, फिर स्वाति में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 11:44 से 12:27 बजे तक, और राहु काल में न करें, 08:05 से 09:25 बजे तक। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक कार्तिक
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण त्रयोदशी
उसी दिन 04:48 अगले दिन 07:12 तक
त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।
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सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तकार्तिकपूर्णिमान्तमार्गशीर्ष
नक्षत्र · योग · करण
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चित्रा · पाद 1
उसी दिन 02:10 अगले दिन 05:01 तक
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
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प्रीति
पिछले दिन 06:45 उसी दिन 07:21 तक
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फिर
आयुष्मान्
उसी दिन 07:21 अगले दिन 08:08
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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गर
उसी दिन 04:48 उसी दिन 17:58 तक
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फिर
वणिज
उसी दिन 17:58 अगले दिन 07:12
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण त्रयोदशी · सोम
17 नव॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 20 मि| 06:4508:05 | ||
| 08:0509:25 | ||
| 09:2510:45 | ||
| 10:4512:05 | ||
| 12:0513:26 | ||
| 13:2614:46 | ||
| 14:4616:06 | ||
| 16:0617:26 |
रात के समय
8·1 घं 40 मि| 17:2619:06 | ||
| 19:0620:46 | ||
| 20:4622:26 | ||
| 22:2600:06 | ||
| 00:0601:46 | ||
| 01:4603:26 | ||
| 03:2605:06 | ||
| 05:0606:46 |
दिन के समय
8·1 घं 20 मि| 06:4508:05 | ||
| 08:0509:25 | ||
| 09:2510:45 | ||
| 10:4512:05 | ||
| 12:0513:26 | ||
| 13:2614:46 | ||
| 14:4616:06 | ||
| 16:0617:26 |
रात के समय
8·1 घं 40 मि| 17:2619:06 | ||
| 19:0620:46 | ||
| 20:4622:26 | ||
| 22:2600:06 | ||
| 00:0601:46 | ||
| 01:4603:26 | ||
| 03:2605:06 | ||
| 05:0606:46 |
| 04:58→05:52 | ||
| 11:44→12:27 | ||
| 21:51→23:38 | ||
| 08:05→09:25 | ||
| 10:45→12:05 | ||
| 13:26→14:46 | ||
| 11:07→12:54 |
दिन के घंटे
12·53 मि| 06:4507:38 | ||
| 07:3808:32 | ||
| 08:3209:25 | ||
| 09:2510:19 | ||
| 10:1911:12 | ||
| 11:1212:05 | ||
| 12:0512:59 | ||
| 12:5913:52 | ||
| 13:5214:46 | ||
| 14:4615:39 | ||
| 15:3916:33 | ||
| 16:3317:26 |
रात के घंटे
12·1 घं 7 मि| 17:2618:33 | ||
| 18:3319:39 | ||
| 19:3920:46 | ||
| 20:4621:53 | ||
| 21:5322:59 | ||
| 22:5900:06 | ||
| 00:0601:13 | ||
| 01:1302:19 | ||
| 02:1903:26 | ||
| 03:2604:32 | ||
| 04:3205:39 | ||
| 05:3906:46 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 17 नवंबर 2025 की तिथि क्या है?
- 17 नवंबर 2025 की तिथि कृष्ण त्रयोदशी है।
- 17 नवंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 17 नवंबर 2025 का नक्षत्र चित्रा और योग प्रीति है।
- 17 नवंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 06:45 पर तथा सूर्यास्त 17:26 पर होगा।
- 17 नवंबर 2025 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 08:05–09:25 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।



