शुक्रवार, 27 नवंबर 2026
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। तृतीया तिथि 09:48 बजे तक, फिर चतुर्थी 06:40 (कल) बजे तक रहेगी। आर्द्रा नक्षत्र 15:08 बजे तक, उसके बाद पुनर्वसु 12:49 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शुभ 23:50 बजे तक, फिर शुक्ल योग 20:16 (कल) बजे तक। विष्टि करण 09:48 बजे तक, उसके बाद बव 20:11 बजे तक, फिर बालव 06:40 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:49 से 12:08) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण तृतीया
पिछले दिन 13:15 उसी दिन 09:48
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कृष्ण चतुर्थी
उसी दिन 09:48 अगले दिन 06:40
तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।
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शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
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मार्गशीर्ष · पौष
नक्षत्र · योग · करण
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आर्द्रा
पिछले दिन 17:46 उसी दिन 15:08
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पुनर्वसु
उसी दिन 15:08 अगले दिन 12:49
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
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शुभ
उसी दिन 03:43 उसी दिन 23:50
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शुक्ल
उसी दिन 23:50 अगले दिन 20:16
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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विष्टि
पिछले दिन 23:30 उसी दिन 09:48
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बव
उसी दिन 09:48 उसी दिन 20:11
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बालव
उसी दिन 20:11 अगले दिन 06:40
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण तृतीया · शुक्र
27 नव॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 19 मि| 06:53 08:11 | ||
| 08:11 09:30 | ||
| 09:30 10:49 | ||
| 10:49 12:08 | ||
| 12:08 13:27 | ||
| 13:27 14:46 | ||
| 14:46 16:05 | ||
| 16:05 17:24 |
रात के समय
8 · 1 घं 41 मि| 17:24 19:05 | ||
| 19:05 20:46 | ||
| 20:46 22:27 | ||
| 22:27 00:08 | ||
| 00:08 01:50 | ||
| 01:50 03:31 | ||
| 03:31 05:12 | ||
| 05:12 06:53 |
दिन के समय
8 · 1 घं 19 मि| 06:53 08:11 | ||
| 08:11 09:30 | ||
| 09:30 10:49 | ||
| 10:49 12:08 | ||
| 12:08 13:27 | ||
| 13:27 14:46 | ||
| 14:46 16:05 | ||
| 16:05 17:24 |
रात के समय
8 · 1 घं 41 मि| 17:24 19:05 | ||
| 19:05 20:46 | ||
| 20:46 22:27 | ||
| 22:27 00:08 | ||
| 00:08 01:50 | ||
| 01:50 03:31 | ||
| 03:31 05:12 | ||
| 05:12 06:53 |
| 05:05 → 05:59 | ||
| 11:47 → 12:29 | ||
| 06:14 → 07:39 | ||
| 10:49 → 12:08 | ||
| 14:46 → 16:05 | ||
| 08:11 → 09:30 | ||
| 01:15 → 02:40 |
दिन के घंटे
12 · 53 मि| 06:53 07:45 | ||
| 07:45 08:38 | ||
| 08:38 09:30 | ||
| 09:30 10:23 | ||
| 10:23 11:16 | ||
| 11:16 12:08 | ||
| 12:08 13:01 | ||
| 13:01 13:53 | ||
| 13:53 14:46 | ||
| 14:46 15:38 | ||
| 15:38 16:31 | ||
| 16:31 17:24 |
रात के घंटे
12 · 1 घं 7 मि| 17:24 18:31 | ||
| 18:31 19:39 | ||
| 19:39 20:46 | ||
| 20:46 21:54 | ||
| 21:54 23:01 | ||
| 23:01 00:08 | ||
| 00:08 01:16 | ||
| 01:16 02:23 | ||
| 02:23 03:31 | ||
| 03:31 04:38 | ||
| 04:38 05:46 | ||
| 05:46 06:53 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 27 नवंबर 2026 की तिथि क्या है?
- 27 नवंबर 2026 की तिथि कृष्ण तृतीया है।
- 27 नवंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 27 नवंबर 2026 का नक्षत्र आर्द्रा और योग शुभ है।
- 27 नवंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:53 पर तथा सूर्यास्त 17:24 पर होगा।
- 27 नवंबर 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:49–12:08 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।