बुधवार, 5 नवंबर 2025
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। पूर्णिमा तिथि 18:49 बजे तक, फिर प्रतिपदा 14:55 (कल) बजे तक रहेगी। अश्विनी नक्षत्र 09:39 बजे तक, उसके बाद भरणी 06:33 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्धि 11:27 बजे तक, फिर व्यतीपात योग 07:03 (कल) बजे तक। विष्टि करण 08:44 बजे तक, उसके बाद बव 18:49 बजे तक, फिर बालव 04:52 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:04 से 13:26) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य तुला राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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पूर्णिमा
पिछले दिन 22:36 उसी दिन 18:49
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कृष्ण प्रतिपदा
उसी दिन 18:49 अगले दिन 14:55
पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।
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बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
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कार्तिक · मार्गशीर्ष
नक्षत्र · योग · करण
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अश्विनी
पिछले दिन 12:34 उसी दिन 09:39
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भरणी
उसी दिन 09:39 अगले दिन 06:33
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
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सिद्धि
पिछले दिन 15:41 उसी दिन 11:27
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व्यतीपात
उसी दिन 11:27 अगले दिन 07:03
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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विष्टि
पिछले दिन 22:36 उसी दिन 08:44
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बव
उसी दिन 08:44 उसी दिन 18:49
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बालव
उसी दिन 18:49 अगले दिन 04:52
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
पूर्णिमा · बुध
5 नव॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 22 मि| 06:36 07:58 | ||
| 07:58 09:20 | ||
| 09:20 10:42 | ||
| 10:42 12:04 | ||
| 12:04 13:26 | ||
| 13:26 14:48 | ||
| 14:48 16:11 | ||
| 16:11 17:33 |
रात के समय
8 · 1 घं 38 मि| 17:33 19:11 | ||
| 19:11 20:49 | ||
| 20:49 22:27 | ||
| 22:27 00:04 | ||
| 00:04 01:42 | ||
| 01:42 03:20 | ||
| 03:20 04:58 | ||
| 04:58 06:36 |
दिन के समय
8 · 1 घं 22 मि| 06:36 07:58 | ||
| 07:58 09:20 | ||
| 09:20 10:42 | ||
| 10:42 12:04 | ||
| 12:04 13:26 | ||
| 13:26 14:48 | ||
| 14:48 16:11 | ||
| 16:11 17:33 |
रात के समय
8 · 1 घं 38 मि| 17:33 19:11 | ||
| 19:11 20:49 | ||
| 20:49 22:27 | ||
| 22:27 00:04 | ||
| 00:04 01:42 | ||
| 01:42 03:20 | ||
| 03:20 04:58 | ||
| 04:58 06:36 |
| 04:51 → 05:43 | ||
| 03:20 → 04:44 | ||
| 12:04 → 13:26 | ||
| 07:58 → 09:20 | ||
| 10:42 → 12:04 | ||
| 06:08 → 07:33 |
दिन के घंटे
12 · 55 मि| 06:36 07:30 | ||
| 07:30 08:25 | ||
| 08:25 09:20 | ||
| 09:20 10:15 | ||
| 10:15 11:09 | ||
| 11:09 12:04 | ||
| 12:04 12:59 | ||
| 12:59 13:54 | ||
| 13:54 14:48 | ||
| 14:48 15:43 | ||
| 15:43 16:38 | ||
| 16:38 17:33 |
रात के घंटे
12 · 1 घं 5 मि| 17:33 18:38 | ||
| 18:38 19:43 | ||
| 19:43 20:49 | ||
| 20:49 21:54 | ||
| 21:54 22:59 | ||
| 22:59 00:04 | ||
| 00:04 01:10 | ||
| 01:10 02:15 | ||
| 02:15 03:20 | ||
| 03:20 04:26 | ||
| 04:26 05:31 | ||
| 05:31 06:36 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 5 नवंबर 2025 की तिथि क्या है?
- 5 नवंबर 2025 की तिथि पूर्णिमा है।
- 5 नवंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 5 नवंबर 2025 का नक्षत्र अश्विनी और योग सिद्धि है।
- 5 नवंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:36 पर तथा सूर्यास्त 17:33 पर होगा।
- 5 नवंबर 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:04–13:26 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।