शुक्रवार, 11 अक्टूबर 2024
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। अष्टमी तिथि 12:07 बजे तक, फिर नवमी 10:58 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र 05:24 (कल) बजे तक, उसके बाद श्रवण 04:27 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सुकर्मा 02:45 (कल) बजे तक, फिर धृति योग 00:21 (कल) बजे तक। बव करण 12:07 बजे तक, उसके बाद बालव 23:38 बजे तक, फिर कौलव 10:58 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:40 से 12:07) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल अष्टमी
पिछले दिन12:32उसी दिन12:07
शुक्ल नवमी
उसी दिन12:07अगले दिन10:58
अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तआश्विनपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
उत्तर आषाढ़ा · पाद 1
उसी दिन05:40अगले दिन05:24
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
सुकर्मा
उसी दिन04:35अगले दिन02:45
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बव
उसी दिन00:25उसी दिन12:07
बालव
उसी दिन12:07उसी दिन23:38
कौलव
उसी दिन23:38अगले दिन10:58
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल अष्टमी · शुक्र
11 अक्टू॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 27 मि| 06:1907:46 | ||
| 07:4609:13 | ||
| 09:1310:40 | ||
| 10:4012:07 | ||
| 12:0713:34 | ||
| 13:3415:01 | ||
| 15:0116:28 | ||
| 16:2817:55 |
रात के समय
8·1 घं 33 मि| 17:5519:28 | ||
| 19:2821:01 | ||
| 21:0122:34 | ||
| 22:3400:07 | ||
| 00:0701:41 | ||
| 01:4103:14 | ||
| 03:1404:47 | ||
| 04:4706:20 |
दिन के समय
8·1 घं 27 मि| 06:1907:46 | ||
| 07:4609:13 | ||
| 09:1310:40 | ||
| 10:4012:07 | ||
| 12:0713:34 | ||
| 13:3415:01 | ||
| 15:0116:28 | ||
| 16:2817:55 |
रात के समय
8·1 घं 33 मि| 17:5519:28 | ||
| 19:2821:01 | ||
| 21:0122:34 | ||
| 22:3400:07 | ||
| 00:0701:41 | ||
| 01:4103:14 | ||
| 03:1404:47 | ||
| 04:4706:20 |
| 04:40→05:30 | ||
| 11:44→12:30 | ||
| 23:05→00:40 | ||
| 10:40→12:07 | ||
| 15:01→16:28 | ||
| 07:46→09:13 | ||
| 13:35→15:10 |
दिन के घंटे
12·58 मि| 06:1907:17 | ||
| 07:1708:15 | ||
| 08:1509:13 | ||
| 09:1310:11 | ||
| 10:1111:09 | ||
| 11:0912:07 | ||
| 12:0713:05 | ||
| 13:0514:03 | ||
| 14:0315:01 | ||
| 15:0115:59 | ||
| 15:5916:57 | ||
| 16:5717:55 |
रात के घंटे
12·1 घं 2 मि| 17:5518:57 | ||
| 18:5719:59 | ||
| 19:5921:01 | ||
| 21:0122:03 | ||
| 22:0323:05 | ||
| 23:0500:07 | ||
| 00:0701:09 | ||
| 01:0902:12 | ||
| 02:1203:14 | ||
| 03:1404:16 | ||
| 04:1605:18 | ||
| 05:1806:20 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 11 अक्टूबर 2024 की तिथि क्या है?
- 11 अक्टूबर 2024 की तिथि शुक्ल अष्टमी है।
- 11 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 11 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग सुकर्मा है।
- 11 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:19 पर तथा सूर्यास्त 17:55 पर होगा।
- 11 अक्टूबर 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:40–12:07 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

