मुख्य सामग्री पर जाएँ

शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025

दैनिक पंचांग

  • गोवत्स द्वादशी
चिंतन का दिन

आज शुक्रवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। आज गोवत्स द्वादशी है। रमा एकादशी तिथि सुबह तक है, फिर द्वादशी शुरू होगी। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा मघा नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर पूर्व फाल्गुनी में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 11:43 से 12:29 बजे तक, और राहु काल में न करें, 10:40 से 12:06 बजे तक। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

इस तिथि के पर्व

शुक्रवार, 17 अक्टूबर

गोवत्स द्वादशी

प्रदोष काल17:49 – 20:13

गौ और बछड़े का पूजन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में।

महाराष्ट्रगुजरातअन्य नाम: वसु बारस

धनतेरस से एक दिन पहले, आश्विन कृष्ण द्वादशी के प्रदोष काल में गाय और बछड़े को स्नान कराकर, सजाकर समस्त धन की दात्री के रूप में पूजा जाता है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • रमा एकादशी

      पिछले दिन 10:36 उसी दिन 11:12 तक

    • फिर

      कृष्ण द्वादशी

      उसी दिन 11:12 अगले दिन 12:19

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • मघा

      पिछले दिन 12:41 उसी दिन 13:57 तक

    • फिर

      पूर्व फाल्गुनी

      उसी दिन 13:57 अगले दिन 15:41

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • शुक्ल

      उसी दिन 02:09 अगले दिन 01:47 तक

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      पिछले दिन 22:50 उसी दिन 11:12 तक

    • फिर

      कौलव

      उसी दिन 11:12 उसी दिन 23:42

    • फिर

      तैतिल

      उसी दिन 23:42 अगले दिन 12:19

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण एकादशी · शुक्र

00061218चल · 06:23 – 07:48लाभ · 07:48 – 09:14अमृत · 09:14 – 10:40काल · 10:40 – 12:06शुभ · 12:06 – 13:32रोग · 13:32 – 14:57उद्वेग · 14:57 – 16:23चल · 16:23 – 17:49रोग · 17:49 – 19:23काल · 19:23 – 20:58लाभ · 20:58 – 22:32उद्वेग · 22:32 – 00:06शुभ · 00:06 – 01:40अमृत · 01:40 – 03:15चल · 03:15 – 04:49रोग · 04:49 – 06:23अमृत · 06:23 – 07:48उद्योग · 07:48 – 09:14चल · 09:14 – 10:40काल · 10:40 – 12:06शून्य · 12:06 – 13:32लाभ · 13:32 – 14:57शुभ · 14:57 – 16:23रोग · 16:23 – 17:49शुभ · 17:49 – 19:23शून्य · 19:23 – 20:58लाभ · 20:58 – 22:32चल · 22:32 – 00:06रोग · 00:06 – 01:40काल · 01:40 – 03:15अमृत · 03:15 – 04:49उद्योग · 04:49 – 06:23ब्रह्म मुहूर्त · 04:42 – 05:32अभिजित मुहूर्त · 11:43 – 12:29अमृत काल · 11:25 – 13:06राहु काल · 10:40 – 12:06यमगण्ड काल · 14:57 – 16:23गुलिक काल · 07:48 – 09:14वर्ज्यम् · 01:19 – 03:00शुक्र · 06:23 – 07:20बुध · 07:20 – 08:17चंद्र · 08:17 – 09:14शनि · 09:14 – 10:11गुरु · 10:11 – 11:09मंगल · 11:09 – 12:06सूर्य · 12:06 – 13:03शुक्र · 13:03 – 14:00बुध · 14:00 – 14:57चंद्र · 14:57 – 15:55शनि · 15:55 – 16:52गुरु · 16:52 – 17:49मंगल · 17:49 – 18:52सूर्य · 18:52 – 19:55शुक्र · 19:55 – 20:58बुध · 20:58 – 22:00चंद्र · 22:00 – 23:03शनि · 23:03 – 00:06गुरु · 00:06 – 01:09मंगल · 01:09 – 02:12सूर्य · 02:12 – 03:15शुक्र · 03:15 – 04:18बुध · 04:18 – 05:20चंद्र · 05:20 – 06:23

17 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 26 मि
06:23
07:48
09:14
10:40
12:06
13:32
14:57
16:23

रात के समय

8·1 घं 34 मि
17:49
19:23
20:58
22:32
00:06
01:40
03:15
04:49

दिन के समय

8·1 घं 26 मि
06:23
07:48
09:14
10:40
12:06
13:32
14:57
16:23

रात के समय

8·1 घं 34 मि
17:49
19:23
20:58
22:32
00:06
01:40
03:15
04:49
04:42→05:32
11:43→12:29
11:25→13:06
10:40→12:06
14:57→16:23
07:48→09:14
01:19→03:00

दिन के घंटे

12·57 मि
06:23
07:20
08:17
09:14
10:11
11:09
12:06
13:03
14:00
14:57
15:55
16:52

रात के घंटे

12·1 घं 3 मि
17:49
18:52
19:55
20:58
22:00
23:03
00:06
01:09
02:12
03:15
04:18
05:20

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 अक्टूबर 2025 की तिथि क्या है?
17 अक्टूबर 2025 की तिथि कृष्ण एकादशी है।
17 अक्टूबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
17 अक्टूबर 2025 का नक्षत्र मघा और योग शुक्ल है।
17 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:23 पर तथा सूर्यास्त 17:49 पर होगा।
17 अक्टूबर 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:40–12:06 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।