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Kundli GPT

शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज शुक्रवार है। प्रतिपदा तिथि 13:15 बजे तक, फिर द्वितीया 09:49 (कल) बजे तक रहेगी। अश्विनी नक्षत्र 13:26 बजे तक, उसके बाद भरणी 10:46 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वज्र 21:33 बजे तक, फिर सिद्धि योग 17:40 (कल) बजे तक। कौलव करण 13:15 बजे तक, उसके बाद तैतिल 23:30 बजे तक, फिर गर 09:49 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:40 से 12:06) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण प्रतिपदा

      पिछले दिन 16:56 उसी दिन 13:15

    • कृष्ण द्वितीया

      उसी दिन 13:15 अगले दिन 09:49

    प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • कार्तिक · मार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • अश्विनी

      पिछले दिन 16:19 उसी दिन 13:26

    • भरणी

      उसी दिन 13:26 अगले दिन 10:46

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • वज्र

      उसी दिन 01:41 उसी दिन 21:33

    • सिद्धि

      उसी दिन 21:33 अगले दिन 17:40

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • कौलव

      उसी दिन 03:04 उसी दिन 13:15

    • तैतिल

      उसी दिन 13:15 उसी दिन 23:30

    • गर

      उसी दिन 23:30 अगले दिन 09:49

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण प्रतिपदा · शुक्र

00 06 12 18 चल · 06:23 – 07:49 लाभ · 07:49 – 09:14 अमृत · 09:14 – 10:40 काल · 10:40 – 12:06 शुभ · 12:06 – 13:31 रोग · 13:31 – 14:57 उद्वेग · 14:57 – 16:22 चल · 16:22 – 17:48 रोग · 17:48 – 19:22 काल · 19:22 – 20:57 लाभ · 20:57 – 22:31 उद्वेग · 22:31 – 00:06 शुभ · 00:06 – 01:40 अमृत · 01:40 – 03:15 चल · 03:15 – 04:49 रोग · 04:49 – 06:24 अमृत · 06:23 – 07:49 उद्योग · 07:49 – 09:14 चल · 09:14 – 10:40 काल · 10:40 – 12:06 शून्य · 12:06 – 13:31 लाभ · 13:31 – 14:57 शुभ · 14:57 – 16:22 रोग · 16:22 – 17:48 शुभ · 17:48 – 19:22 शून्य · 19:22 – 20:57 लाभ · 20:57 – 22:31 चल · 22:31 – 00:06 रोग · 00:06 – 01:40 काल · 01:40 – 03:15 अमृत · 03:15 – 04:49 उद्योग · 04:49 – 06:24 ब्रह्म मुहूर्त · 04:43 – 05:33 अभिजित मुहूर्त · 11:43 – 12:28 अमृत काल · 07:06 – 08:30 राहु काल · 10:40 – 12:06 यमगण्ड काल · 14:57 – 16:22 गुलिक काल · 07:49 – 09:14 वर्ज्यम् · 09:55 – 11:19 शुक्र · 06:23 – 07:20 बुध · 07:20 – 08:17 चंद्र · 08:17 – 09:14 शनि · 09:14 – 10:12 गुरु · 10:12 – 11:09 मंगल · 11:09 – 12:06 सूर्य · 12:06 – 13:03 शुक्र · 13:03 – 14:00 बुध · 14:00 – 14:57 चंद्र · 14:57 – 15:54 शनि · 15:54 – 16:51 गुरु · 16:51 – 17:48 मंगल · 17:48 – 18:51 सूर्य · 18:51 – 19:54 शुक्र · 19:54 – 20:57 बुध · 20:57 – 22:00 चंद्र · 22:00 – 23:03 शनि · 23:03 – 00:06 गुरु · 00:06 – 01:09 मंगल · 01:09 – 02:12 सूर्य · 02:12 – 03:15 शुक्र · 03:15 – 04:18 बुध · 04:18 – 05:21 चंद्र · 05:21 – 06:24

18 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 26 मि
06:23
07:49
09:14
10:40
12:06
13:31
14:57
16:22

रात के समय

8 · 1 घं 35 मि
17:48
19:22
20:57
22:31
00:06
01:40
03:15
04:49

दिन के समय

8 · 1 घं 26 मि
06:23
07:49
09:14
10:40
12:06
13:31
14:57
16:22

रात के समय

8 · 1 घं 35 मि
17:48
19:22
20:57
22:31
00:06
01:40
03:15
04:49
04:43 05:33
11:43 12:28
07:06 08:30
10:40 12:06
14:57 16:22
07:49 09:14
09:55 11:19

दिन के घंटे

12 · 57 मि
06:23
07:20
08:17
09:14
10:12
11:09
12:06
13:03
14:00
14:57
15:54
16:51

रात के घंटे

12 · 1 घं 3 मि
17:48
18:51
19:54
20:57
22:00
23:03
00:06
01:09
02:12
03:15
04:18
05:21

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18 अक्टूबर 2024 की तिथि क्या है?
18 अक्टूबर 2024 की तिथि कृष्ण प्रतिपदा है।
18 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
18 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र अश्विनी और योग वज्र है।
18 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:23 पर तथा सूर्यास्त 17:48 पर होगा।
18 अक्टूबर 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 10:40–12:06 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।