मंगलवार, 19 अक्टूबर 2027
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। चतुर्थी तिथि 16:42 बजे तक, फिर पंचमी 15:18 (कल) बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र 23:15 बजे तक, उसके बाद मृगशिरा 22:29 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्यतीपात 09:16 बजे तक, फिर वरीयान् योग 07:03 (कल) बजे तक। बालव करण 16:42 बजे तक, उसके बाद कौलव 04:02 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 15:18 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:56 से 16:22) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य तुला राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण चतुर्थी
पिछले दिन17:51उसी दिन16:42
कृष्ण पंचमी
उसी दिन16:42अगले दिन15:18
चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तआश्विनपूर्णिमान्तकार्तिक
नक्षत्र · योग · करण
रोहिणी
पिछले दिन23:47उसी दिन23:15
मृगशिरा
उसी दिन23:15अगले दिन22:29
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
व्यतीपात
पिछले दिन11:16उसी दिन09:16
वरीयान्
उसी दिन09:16अगले दिन07:03
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
बालव
उसी दिन05:19उसी दिन16:42
कौलव
उसी दिन16:42अगले दिन04:02
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्थी · मंगल
19 अक्टू॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 25 मि| 06:2407:49 | ||
| 07:4909:15 | ||
| 09:1510:40 | ||
| 10:4012:06 | ||
| 12:0613:31 | ||
| 13:3114:56 | ||
| 14:5616:22 | ||
| 16:2217:47 |
रात के समय
8·1 घं 35 मि| 17:4719:22 | ||
| 19:2220:57 | ||
| 20:5722:31 | ||
| 22:3100:06 | ||
| 00:0601:40 | ||
| 01:4003:15 | ||
| 03:1504:50 | ||
| 04:5006:24 |
दिन के समय
8·1 घं 25 मि| 06:2407:49 | ||
| 07:4909:15 | ||
| 09:1510:40 | ||
| 10:4012:06 | ||
| 12:0613:31 | ||
| 13:3114:56 | ||
| 14:5616:22 | ||
| 16:2217:47 |
रात के समय
8·1 घं 35 मि| 17:4719:22 | ||
| 19:2220:57 | ||
| 20:5722:31 | ||
| 22:3100:06 | ||
| 00:0601:40 | ||
| 01:4003:15 | ||
| 03:1504:50 | ||
| 04:5006:24 |
| 04:43→05:33 | ||
| 11:43→12:28 | ||
| 20:07→21:41 | ||
| 14:56→16:22 | ||
| 09:15→10:40 | ||
| 12:06→13:31 | ||
| 15:25→16:59 |
दिन के घंटे
12·57 मि| 06:2407:21 | ||
| 07:2108:18 | ||
| 08:1809:15 | ||
| 09:1510:12 | ||
| 10:1211:09 | ||
| 11:0912:06 | ||
| 12:0613:02 | ||
| 13:0213:59 | ||
| 13:5914:56 | ||
| 14:5615:53 | ||
| 15:5316:50 | ||
| 16:5017:47 |
रात के घंटे
12·1 घं 3 मि| 17:4718:51 | ||
| 18:5119:54 | ||
| 19:5420:57 | ||
| 20:5722:00 | ||
| 22:0023:03 | ||
| 23:0300:06 | ||
| 00:0601:09 | ||
| 01:0902:12 | ||
| 02:1203:15 | ||
| 03:1504:18 | ||
| 04:1805:21 | ||
| 05:2106:24 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 19 अक्टूबर 2027 की तिथि क्या है?
- 19 अक्टूबर 2027 की तिथि कृष्ण चतुर्थी है।
- 19 अक्टूबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 19 अक्टूबर 2027 का नक्षत्र रोहिणी और योग व्यतीपात है।
- 19 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:24 पर तथा सूर्यास्त 17:47 पर होगा।
- 19 अक्टूबर 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:56–16:22 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

