मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। पूर्णिमा तिथि 09:17 बजे तक, फिर प्रतिपदा 05:53 (कल) बजे तक रहेगी। रेवती नक्षत्र 01:27 (कल) बजे तक, उसके बाद अश्विनी 22:44 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ध्रुव 09:30 बजे तक, फिर व्याघात योग 05:34 (कल) बजे तक। बव करण 09:17 बजे तक, उसके बाद बालव 19:37 बजे तक, फिर कौलव 05:53 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:04 से 16:32) के दौरान टालें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
पूर्णिमा
पिछले दिन12:24उसी दिन09:17
कृष्ण प्रतिपदा
उसी दिन09:17अगले दिन05:53
पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तआश्विनपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
रेवती · पाद 1
उसी दिन04:01अगले दिन01:27
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
ध्रुव
पिछले दिन13:12उसी दिन09:30
व्याघात
उसी दिन09:30अगले दिन05:34
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बव
पिछले दिन22:53उसी दिन09:17
बालव
उसी दिन09:17उसी दिन19:37
कौलव
उसी दिन19:37अगले दिन05:53
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
पूर्णिमा · मंगल
7 अक्टू॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 28 मि| 06:1707:45 | ||
| 07:4509:13 | ||
| 09:1310:40 | ||
| 10:4012:08 | ||
| 12:0813:36 | ||
| 13:3615:04 | ||
| 15:0416:32 | ||
| 16:3218:00 |
रात के समय
8·1 घं 32 मि| 18:0019:32 | ||
| 19:3221:04 | ||
| 21:0422:36 | ||
| 22:3600:09 | ||
| 00:0901:41 | ||
| 01:4103:13 | ||
| 03:1304:45 | ||
| 04:4506:17 |
दिन के समय
8·1 घं 28 मि| 06:1707:45 | ||
| 07:4509:13 | ||
| 09:1310:40 | ||
| 10:4012:08 | ||
| 12:0813:36 | ||
| 13:3615:04 | ||
| 15:0416:32 | ||
| 16:3218:00 |
रात के समय
8·1 घं 32 मि| 18:0019:32 | ||
| 19:3221:04 | ||
| 21:0422:36 | ||
| 22:3600:09 | ||
| 00:0901:41 | ||
| 01:4103:13 | ||
| 03:1304:45 | ||
| 04:4506:17 |
| 04:39→05:28 | ||
| 11:45→12:32 | ||
| 23:19→00:44 | ||
| 15:04→16:32 | ||
| 09:13→10:40 | ||
| 12:08→13:36 | ||
| 14:44→16:10 |
दिन के घंटे
12·59 मि| 06:1707:15 | ||
| 07:1508:14 | ||
| 08:1409:13 | ||
| 09:1310:11 | ||
| 10:1111:10 | ||
| 11:1012:08 | ||
| 12:0813:07 | ||
| 13:0714:05 | ||
| 14:0515:04 | ||
| 15:0416:03 | ||
| 16:0317:01 | ||
| 17:0118:00 |
रात के घंटे
12·1 घं 1 मि| 18:0019:01 | ||
| 19:0120:03 | ||
| 20:0321:04 | ||
| 21:0422:06 | ||
| 22:0623:07 | ||
| 23:0700:09 | ||
| 00:0901:10 | ||
| 01:1002:12 | ||
| 02:1203:13 | ||
| 03:1304:14 | ||
| 04:1405:16 | ||
| 05:1606:17 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 7 अक्टूबर 2025 की तिथि क्या है?
- 7 अक्टूबर 2025 की तिथि पूर्णिमा है।
- 7 अक्टूबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 7 अक्टूबर 2025 का नक्षत्र रेवती और योग ध्रुव है।
- 7 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:17 पर तथा सूर्यास्त 18:00 पर होगा।
- 7 अक्टूबर 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 15:04–16:32 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

