गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। अष्टमी तिथि 06:27 (कल) बजे तक, फिर नवमी 09:02 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र 07:13 (कल) बजे तक, उसके बाद उत्तर आषाढ़ा 10:17 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शोभन 12:02 बजे तक, फिर अतिगण्ड योग 12:50 (कल) बजे तक। विष्टि करण 17:17 बजे तक, उसके बाद बव 06:27 (कल) बजे तक, फिर बालव 19:43 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:36 से 15:04) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल अष्टमी
उसी दिन04:13अगले दिन06:27
अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तआश्विनपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
पूर्व आषाढ़ा · पाद 1
उसी दिन04:27अगले दिन07:13
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
शोभन
पिछले दिन11:36उसी दिन12:02
अतिगण्ड
उसी दिन12:02अगले दिन12:50
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
विष्टि
उसी दिन04:13उसी दिन17:17
बव
उसी दिन17:17अगले दिन06:27
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल अष्टमी · गुरु
7 अक्टू॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 28 मि| 06:1707:45 | ||
| 07:4509:12 | ||
| 09:1210:40 | ||
| 10:4012:08 | ||
| 12:0813:36 | ||
| 13:3615:04 | ||
| 15:0416:32 | ||
| 16:3218:00 |
रात के समय
8·1 घं 32 मि| 18:0019:32 | ||
| 19:3221:04 | ||
| 21:0422:37 | ||
| 22:3700:09 | ||
| 00:0901:41 | ||
| 01:4103:13 | ||
| 03:1304:45 | ||
| 04:4506:17 |
दिन के समय
8·1 घं 28 मि| 06:1707:45 | ||
| 07:4509:12 | ||
| 09:1210:40 | ||
| 10:4012:08 | ||
| 12:0813:36 | ||
| 13:3615:04 | ||
| 15:0416:32 | ||
| 16:3218:00 |
रात के समय
8·1 घं 32 मि| 18:0019:32 | ||
| 19:3221:04 | ||
| 21:0422:37 | ||
| 22:3700:09 | ||
| 00:0901:41 | ||
| 01:4103:13 | ||
| 03:1304:45 | ||
| 04:4506:17 |
| 04:39→05:28 | ||
| 11:45→12:32 | ||
| 01:52→03:39 | ||
| 13:36→15:04 | ||
| 06:17→07:45 | ||
| 09:12→10:40 | ||
| 15:09→16:56 |
दिन के घंटे
12·59 मि| 06:1707:15 | ||
| 07:1508:14 | ||
| 08:1409:12 | ||
| 09:1210:11 | ||
| 10:1111:10 | ||
| 11:1012:08 | ||
| 12:0813:07 | ||
| 13:0714:06 | ||
| 14:0615:04 | ||
| 15:0416:03 | ||
| 16:0317:02 | ||
| 17:0218:00 |
रात के घंटे
12·1 घं 1 मि| 18:0019:02 | ||
| 19:0220:03 | ||
| 20:0321:04 | ||
| 21:0422:06 | ||
| 22:0623:07 | ||
| 23:0700:09 | ||
| 00:0901:10 | ||
| 01:1002:12 | ||
| 02:1203:13 | ||
| 03:1304:14 | ||
| 04:1405:16 | ||
| 05:1606:17 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 7 अक्टूबर 2027 की तिथि क्या है?
- 7 अक्टूबर 2027 की तिथि शुक्ल अष्टमी है।
- 7 अक्टूबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 7 अक्टूबर 2027 का नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग शोभन है।
- 7 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:17 पर तथा सूर्यास्त 18:00 पर होगा।
- 7 अक्टूबर 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 13:36–15:04 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

