शनिवार, 9 अक्टूबर 2027
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है। नवमी तिथि 09:02 बजे तक, फिर दशमी 11:41 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र 10:17 बजे तक, उसके बाद श्रवण 13:24 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सुकर्मा 13:50 बजे तक, फिर धृति योग 14:52 (कल) बजे तक। कौलव करण 09:02 बजे तक, उसके बाद तैतिल 22:22 बजे तक, फिर गर 11:41 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:13 से 10:40) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल नवमी
पिछले दिन06:27उसी दिन09:02
शुक्ल दशमी
उसी दिन09:02अगले दिन11:41
नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।
शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तआश्विनपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
उत्तर आषाढ़ा
पिछले दिन07:13उसी दिन10:17
श्रवण
उसी दिन10:17अगले दिन13:24
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
सुकर्मा
पिछले दिन12:50उसी दिन13:50
धृति
उसी दिन13:50अगले दिन14:52
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
कौलव
पिछले दिन19:43उसी दिन09:02
तैतिल
उसी दिन09:02उसी दिन22:22
गर
उसी दिन22:22अगले दिन11:41
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल नवमी · शनि
9 अक्टू॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 28 मि| 06:1807:45 | ||
| 07:4509:13 | ||
| 09:1310:40 | ||
| 10:4012:08 | ||
| 12:0813:35 | ||
| 13:3515:03 | ||
| 15:0316:30 | ||
| 16:3017:58 |
रात के समय
8·1 घं 33 मि| 17:5819:31 | ||
| 19:3121:03 | ||
| 21:0322:36 | ||
| 22:3600:08 | ||
| 00:0801:41 | ||
| 01:4103:13 | ||
| 03:1304:46 | ||
| 04:4606:18 |
दिन के समय
8·1 घं 28 मि| 06:1807:45 | ||
| 07:4509:13 | ||
| 09:1310:40 | ||
| 10:4012:08 | ||
| 12:0813:35 | ||
| 13:3515:03 | ||
| 15:0316:30 | ||
| 16:3017:58 |
रात के समय
8·1 घं 33 मि| 17:5819:31 | ||
| 19:3121:03 | ||
| 21:0322:36 | ||
| 22:3600:08 | ||
| 00:0801:41 | ||
| 01:4103:13 | ||
| 03:1304:46 | ||
| 04:4606:18 |
| 04:39→05:28 | ||
| 11:45→12:31 | ||
| 03:04→04:52 | ||
| 09:13→10:40 | ||
| 13:35→15:03 | ||
| 06:18→07:45 | ||
| 16:14→18:02 |
दिन के घंटे
12·58 मि| 06:1807:16 | ||
| 07:1608:14 | ||
| 08:1409:13 | ||
| 09:1310:11 | ||
| 10:1111:09 | ||
| 11:0912:08 | ||
| 12:0813:06 | ||
| 13:0614:05 | ||
| 14:0515:03 | ||
| 15:0316:01 | ||
| 16:0117:00 | ||
| 17:0017:58 |
रात के घंटे
12·1 घं 2 मि| 17:5819:00 | ||
| 19:0020:01 | ||
| 20:0121:03 | ||
| 21:0322:05 | ||
| 22:0523:06 | ||
| 23:0600:08 | ||
| 00:0801:10 | ||
| 01:1002:12 | ||
| 02:1203:13 | ||
| 03:1304:15 | ||
| 04:1505:17 | ||
| 05:1706:18 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 9 अक्टूबर 2027 की तिथि क्या है?
- 9 अक्टूबर 2027 की तिथि शुक्ल नवमी है।
- 9 अक्टूबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 9 अक्टूबर 2027 का नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग सुकर्मा है।
- 9 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:18 पर तथा सूर्यास्त 17:58 पर होगा।
- 9 अक्टूबर 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 09:13–10:40 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

