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गुरुवार, 11 सितंबर 2025

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज गुरुवार है। चतुर्थी तिथि 12:45 बजे तक, फिर पंचमी 09:59 (कल) बजे तक रहेगी। अश्विनी नक्षत्र 13:57 बजे तक, उसके बाद भरणी 11:58 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ध्रुव 17:03 बजे तक, फिर व्याघात योग 13:42 (कल) बजे तक। बालव करण 12:45 बजे तक, उसके बाद कौलव 23:21 बजे तक, फिर तैतिल 09:59 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:50 से 15:24) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्थी

      पिछले दिन15:38उसी दिन12:45

    • कृष्ण पंचमी

      उसी दिन12:45अगले दिन09:59

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • गुरुवार

    गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तभाद्रपद
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • अश्विनी

      पिछले दिन16:02उसी दिन13:57

    • भरणी

      उसी दिन13:57अगले दिन11:58

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • ध्रुव

      पिछले दिन20:30उसी दिन17:03

    • व्याघात

      उसी दिन17:03अगले दिन13:42

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      उसी दिन02:11उसी दिन12:45

    • कौलव

      उसी दिन12:45उसी दिन23:21

    • तैतिल

      उसी दिन23:21अगले दिन09:59

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्थी · गुरु

00061218शुभ · 06:04 – 07:37रोग · 07:37 – 09:10उद्वेग · 09:10 – 10:44चल · 10:44 – 12:17लाभ · 12:17 – 13:50अमृत · 13:50 – 15:24काल · 15:24 – 16:57शुभ · 16:57 – 18:30अमृत · 18:30 – 19:57चल · 19:57 – 21:24रोग · 21:24 – 22:51काल · 22:51 – 00:17लाभ · 00:17 – 01:44उद्वेग · 01:44 – 03:11शुभ · 03:11 – 04:37अमृत · 04:37 – 06:04शुभ · 06:04 – 07:37रोग · 07:37 – 09:10शून्य · 09:10 – 10:44लाभ · 10:44 – 12:17काल · 12:17 – 13:50चल · 13:50 – 15:24उद्योग · 15:24 – 16:57अमृत · 16:57 – 18:30लाभ · 18:30 – 19:57चल · 19:57 – 21:24शुभ · 21:24 – 22:51उद्योग · 22:51 – 00:17अमृत · 00:17 – 01:44शून्य · 01:44 – 03:11रोग · 03:11 – 04:37काल · 04:37 – 06:04ब्रह्म मुहूर्त · 04:31 – 05:18अभिजित मुहूर्त · 11:52 – 12:42अमृत काल · 07:23 – 08:50राहु काल · 13:50 – 15:24यमगण्ड काल · 06:04 – 07:37गुलिक काल · 09:10 – 10:44वर्ज्यम् · 10:18 – 11:46गुरु · 06:04 – 07:06मंगल · 07:06 – 08:08सूर्य · 08:08 – 09:10शुक्र · 09:10 – 10:13बुध · 10:13 – 11:15चंद्र · 11:15 – 12:17शनि · 12:17 – 13:19गुरु · 13:19 – 14:22मंगल · 14:22 – 15:24सूर्य · 15:24 – 16:26शुक्र · 16:26 – 17:28बुध · 17:28 – 18:30चंद्र · 18:30 – 19:28शनि · 19:28 – 20:26गुरु · 20:26 – 21:24मंगल · 21:24 – 22:22सूर्य · 22:22 – 23:20शुक्र · 23:20 – 00:17बुध · 00:17 – 01:15चंद्र · 01:15 – 02:13शनि · 02:13 – 03:11गुरु · 03:11 – 04:09मंगल · 04:09 – 05:06सूर्य · 05:06 – 06:04

11 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 33 मि
06:04
07:37
09:10
10:44
12:17
13:50
15:24
16:57

रात के समय

8·1 घं 27 मि
18:30
19:57
21:24
22:51
00:17
01:44
03:11
04:37

दिन के समय

8·1 घं 33 मि
06:04
07:37
09:10
10:44
12:17
13:50
15:24
16:57

रात के समय

8·1 घं 27 मि
18:30
19:57
21:24
22:51
00:17
01:44
03:11
04:37
04:3105:18
11:5212:42
07:2308:50
13:5015:24
06:0407:37
09:1010:44
10:1811:46

दिन के घंटे

12·1 घं 2 मि
06:04
07:06
08:08
09:10
10:13
11:15
12:17
13:19
14:22
15:24
16:26
17:28

रात के घंटे

12·58 मि
18:30
19:28
20:26
21:24
22:22
23:20
00:17
01:15
02:13
03:11
04:09
05:06

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

11 सितंबर 2025 की तिथि क्या है?
11 सितंबर 2025 की तिथि कृष्ण चतुर्थी है।
11 सितंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
11 सितंबर 2025 का नक्षत्र अश्विनी और योग ध्रुव है।
11 सितंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:04 पर तथा सूर्यास्त 18:30 पर होगा।
11 सितंबर 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 13:50–15:24 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।