रविवार, 14 सितंबर 2025
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। अष्टमी तिथि 03:06 (कल) बजे तक, फिर नवमी 01:31 (कल) बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र 08:41 बजे तक, उसके बाद मृगशिरा 07:32 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वज्र 07:36 बजे तक, फिर सिद्धि योग 04:56 (कल) बजे तक। बालव करण 16:02 बजे तक, उसके बाद कौलव 03:06 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 14:15 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (16:54 से 18:27) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण अष्टमी
उसी दिन 05:04 अगले दिन 03:06
अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।
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रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
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भाद्रपद · आश्विन
नक्षत्र · योग · करण
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रोहिणी
पिछले दिन 10:12 उसी दिन 08:41
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मृगशिरा
उसी दिन 08:41 अगले दिन 07:32
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
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वज्र
पिछले दिन 10:33 उसी दिन 07:36
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सिद्धि
उसी दिन 07:36 अगले दिन 04:56
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
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बालव
उसी दिन 05:04 उसी दिन 16:02
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कौलव
उसी दिन 16:02 अगले दिन 03:06
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
कृष्ण अष्टमी · रवि
14 सित॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 33 मि| 06:05 07:38 | ||
| 07:38 09:11 | ||
| 09:11 10:43 | ||
| 10:43 12:16 | ||
| 12:16 13:49 | ||
| 13:49 15:21 | ||
| 15:21 16:54 | ||
| 16:54 18:27 |
रात के समय
8 · 1 घं 27 मि| 18:27 19:54 | ||
| 19:54 21:22 | ||
| 21:22 22:49 | ||
| 22:49 00:16 | ||
| 00:16 01:44 | ||
| 01:44 03:11 | ||
| 03:11 04:38 | ||
| 04:38 06:06 |
दिन के समय
8 · 1 घं 33 मि| 06:05 07:38 | ||
| 07:38 09:11 | ||
| 09:11 10:43 | ||
| 10:43 12:16 | ||
| 12:16 13:49 | ||
| 13:49 15:21 | ||
| 15:21 16:54 | ||
| 16:54 18:27 |
रात के समय
8 · 1 घं 27 मि| 18:27 19:54 | ||
| 19:54 21:22 | ||
| 21:22 22:49 | ||
| 22:49 00:16 | ||
| 00:16 01:44 | ||
| 01:44 03:11 | ||
| 03:11 04:38 | ||
| 04:38 06:06 |
| 04:32 → 05:19 | ||
| 11:51 → 12:41 | ||
| 05:41 → 07:11 | ||
| 16:54 → 18:27 | ||
| 12:16 → 13:49 | ||
| 15:21 → 16:54 | ||
| 01:11 → 02:41 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 14 सितंबर 2025 की तिथि क्या है?
- 14 सितंबर 2025 की तिथि कृष्ण अष्टमी है।
- 14 सितंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 14 सितंबर 2025 का नक्षत्र रोहिणी और योग वज्र है।
- 14 सितंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:05 पर तथा सूर्यास्त 18:27 पर होगा।
- 14 सितंबर 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 16:54–18:27 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।