मंगलवार, 14 सितंबर 2027
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। चतुर्दशी तिथि 02:48 (कल) बजे तक, फिर पूर्णिमा 04:33 (कल) बजे तक रहेगी। धनिष्ठा नक्षत्र 08:59 बजे तक, उसके बाद शतभिषा 11:33 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सुकर्मा 08:37 बजे तक, फिर धृति योग 09:13 (कल) बजे तक। गर करण 13:46 बजे तक, उसके बाद वणिज 02:48 (कल) बजे तक, फिर विष्टि 15:44 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:22 से 16:55) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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शुक्ल चतुर्दशी
उसी दिन 00:40 अगले दिन 02:48
चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।
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मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
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भाद्रपद · आश्विन
नक्षत्र · योग · करण
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धनिष्ठा
पिछले दिन 06:05 उसी दिन 08:59
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शतभिषा
उसी दिन 08:59 अगले दिन 11:33
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
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सुकर्मा
पिछले दिन 07:46 उसी दिन 08:37
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धृति
उसी दिन 08:37 अगले दिन 09:13
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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गर
उसी दिन 00:40 उसी दिन 13:46
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वणिज
उसी दिन 13:46 अगले दिन 02:48
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
शुक्ल चतुर्दशी · मंगल
14 सित॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 33 मि| 06:05 07:38 | ||
| 07:38 09:11 | ||
| 09:11 10:43 | ||
| 10:43 12:16 | ||
| 12:16 13:49 | ||
| 13:49 15:22 | ||
| 15:22 16:55 | ||
| 16:55 18:27 |
रात के समय
8 · 1 घं 27 मि| 18:27 19:55 | ||
| 19:55 21:22 | ||
| 21:22 22:49 | ||
| 22:49 00:16 | ||
| 00:16 01:44 | ||
| 01:44 03:11 | ||
| 03:11 04:38 | ||
| 04:38 06:05 |
दिन के समय
8 · 1 घं 33 मि| 06:05 07:38 | ||
| 07:38 09:11 | ||
| 09:11 10:43 | ||
| 10:43 12:16 | ||
| 12:16 13:49 | ||
| 13:49 15:22 | ||
| 15:22 16:55 | ||
| 16:55 18:27 |
रात के समय
8 · 1 घं 27 मि| 18:27 19:55 | ||
| 19:55 21:22 | ||
| 21:22 22:49 | ||
| 22:49 00:16 | ||
| 00:16 01:44 | ||
| 01:44 03:11 | ||
| 03:11 04:38 | ||
| 04:38 06:05 |
| 04:32 → 05:18 | ||
| 11:51 → 12:41 | ||
| 21:20 → 23:07 | ||
| 15:22 → 16:55 | ||
| 09:11 → 10:43 | ||
| 12:16 → 13:49 | ||
| 10:34 → 12:22 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 14 सितंबर 2027 की तिथि क्या है?
- 14 सितंबर 2027 की तिथि शुक्ल चतुर्दशी है।
- 14 सितंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 14 सितंबर 2027 का नक्षत्र धनिष्ठा और योग सुकर्मा है।
- 14 सितंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:05 पर तथा सूर्यास्त 18:27 पर होगा।
- 14 सितंबर 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 15:22–16:55 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।