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Kundli GPT

गुरुवार, 16 सितंबर 2027

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज गुरुवार है। प्रतिपदा तिथि 05:52 (कल) बजे तक, फिर द्वितीया 06:44 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र 13:43 बजे तक, उसके बाद उत्तर भाद्रपदा 15:28 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शूल 09:28 बजे तक, फिर गण्ड योग 09:25 (कल) बजे तक। बालव करण 17:16 बजे तक, उसके बाद कौलव 05:52 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 18:21 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:48 से 15:20) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण प्रतिपदा

      उसी दिन 04:33 अगले दिन 05:52

    प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।

  • गुरुवार

    गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • भाद्रपद · आश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व भाद्रपदा

      पिछले दिन 11:32 उसी दिन 13:43

    • उत्तर भाद्रपदा

      उसी दिन 13:43 अगले दिन 15:28

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • शूल

      पिछले दिन 09:11 उसी दिन 09:28

    • गण्ड

      उसी दिन 09:28 अगले दिन 09:25

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • बालव

      उसी दिन 04:33 उसी दिन 17:16

    • कौलव

      उसी दिन 17:16 अगले दिन 05:52

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण प्रतिपदा · गुरु

00 06 12 18 शुभ · 06:06 – 07:38 रोग · 07:38 – 09:11 उद्वेग · 09:11 – 10:43 चल · 10:43 – 12:15 लाभ · 12:15 – 13:48 अमृत · 13:48 – 15:20 काल · 15:20 – 16:53 शुभ · 16:53 – 18:25 अमृत · 18:25 – 19:53 चल · 19:53 – 21:20 रोग · 21:20 – 22:48 काल · 22:48 – 00:16 लाभ · 00:16 – 01:43 उद्वेग · 01:43 – 03:11 शुभ · 03:11 – 04:39 अमृत · 04:39 – 06:06 शुभ · 06:06 – 07:38 रोग · 07:38 – 09:11 शून्य · 09:11 – 10:43 लाभ · 10:43 – 12:15 काल · 12:15 – 13:48 चल · 13:48 – 15:20 उद्योग · 15:20 – 16:53 अमृत · 16:53 – 18:25 लाभ · 18:25 – 19:53 चल · 19:53 – 21:20 शुभ · 21:20 – 22:48 उद्योग · 22:48 – 00:16 अमृत · 00:16 – 01:43 शून्य · 01:43 – 03:11 रोग · 03:11 – 04:39 काल · 04:39 – 06:06 ब्रह्म मुहूर्त · 04:33 – 05:19 अभिजित मुहूर्त · 11:51 – 12:40 अमृत काल · 04:59 – 06:44 राहु काल · 13:48 – 15:20 यमगण्ड काल · 06:06 – 07:38 गुलिक काल · 09:11 – 10:43 वर्ज्यम् · 18:31 – 20:15 गुरु · 06:06 – 07:07 मंगल · 07:07 – 08:09 सूर्य · 08:09 – 09:11 शुक्र · 09:11 – 10:12 बुध · 10:12 – 11:14 चंद्र · 11:14 – 12:15 शनि · 12:15 – 13:17 गुरु · 13:17 – 14:19 मंगल · 14:19 – 15:20 सूर्य · 15:20 – 16:22 शुक्र · 16:22 – 17:23 बुध · 17:23 – 18:25 चंद्र · 18:25 – 19:23 शनि · 19:23 – 20:22 गुरु · 20:22 – 21:20 मंगल · 21:20 – 22:19 सूर्य · 22:19 – 23:17 शुक्र · 23:17 – 00:16 बुध · 00:16 – 01:14 चंद्र · 01:14 – 02:13 शनि · 02:13 – 03:11 गुरु · 03:11 – 04:09 मंगल · 04:09 – 05:08 सूर्य · 05:08 – 06:06

16 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 32 मि
06:06
07:38
09:11
10:43
12:15
13:48
15:20
16:53

रात के समय

8 · 1 घं 28 मि
18:25
19:53
21:20
22:48
00:16
01:43
03:11
04:39

दिन के समय

8 · 1 घं 32 मि
06:06
07:38
09:11
10:43
12:15
13:48
15:20
16:53

रात के समय

8 · 1 घं 28 मि
18:25
19:53
21:20
22:48
00:16
01:43
03:11
04:39
04:33 05:19
11:51 12:40
04:59 06:44
13:48 15:20
06:06 07:38
09:11 10:43
18:31 20:15

दिन के घंटे

12 · 1 घं 2 मि
06:06
07:07
08:09
09:11
10:12
11:14
12:15
13:17
14:19
15:20
16:22
17:23

रात के घंटे

12 · 58 मि
18:25
19:23
20:22
21:20
22:19
23:17
00:16
01:14
02:13
03:11
04:09
05:08

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16 सितंबर 2027 की तिथि क्या है?
16 सितंबर 2027 की तिथि कृष्ण प्रतिपदा है।
16 सितंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
16 सितंबर 2027 का नक्षत्र पूर्व भाद्रपदा और योग शूल है।
16 सितंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:06 पर तथा सूर्यास्त 18:25 पर होगा।
16 सितंबर 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 13:48–15:20 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।