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Kundli GPT

बुधवार, 17 सितंबर 2025

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज बुधवार है। एकादशी तिथि 23:40 बजे तक, फिर द्वादशी 23:24 (कल) बजे तक रहेगी। पुनर्वसु नक्षत्र 06:25 बजे तक, उसके बाद पुष्य 06:31 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग परिघ 22:53 बजे तक, फिर शिव योग 21:36 (कल) बजे तक। बव करण 11:57 बजे तक, उसके बाद बालव 23:40 बजे तक, फिर कौलव 11:29 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:15 से 13:47) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • रमा एकादशी

      उसी दिन 00:22 उसी दिन 23:40

    • कृष्ण द्वादशी

      उसी दिन 23:40 अगले दिन 23:24

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • बुधवार

    बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • आश्विन · कार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • पुनर्वसु

      पिछले दिन 06:45 उसी दिन 06:25

    • पुष्य

      उसी दिन 06:25 अगले दिन 06:31

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • परिघ

      उसी दिन 00:33 उसी दिन 22:53

    • शिव

      उसी दिन 22:53 अगले दिन 21:36

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • बव

      उसी दिन 00:22 उसी दिन 11:57

    • बालव

      उसी दिन 11:57 उसी दिन 23:40

    • कौलव

      उसी दिन 23:40 अगले दिन 11:29

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण एकादशी · बुध

00 06 12 18 लाभ · 06:07 – 07:39 अमृत · 07:39 – 09:11 काल · 09:11 – 10:43 शुभ · 10:43 – 12:15 रोग · 12:15 – 13:47 उद्वेग · 13:47 – 15:19 चल · 15:19 – 16:51 लाभ · 16:51 – 18:23 उद्वेग · 18:23 – 19:51 शुभ · 19:51 – 21:19 अमृत · 21:19 – 22:47 चल · 22:47 – 00:15 रोग · 00:15 – 01:43 काल · 01:43 – 03:11 लाभ · 03:11 – 04:39 उद्वेग · 04:39 – 06:07 लाभ · 06:07 – 07:39 शुभ · 07:39 – 09:11 अमृत · 09:11 – 10:43 चल · 10:43 – 12:15 उद्योग · 12:15 – 13:47 शून्य · 13:47 – 15:19 रोग · 15:19 – 16:51 काल · 16:51 – 18:23 शून्य · 18:23 – 19:51 रोग · 19:51 – 21:19 काल · 21:19 – 22:47 शुभ · 22:47 – 00:15 चल · 00:15 – 01:43 अमृत · 01:43 – 03:11 उद्योग · 03:11 – 04:39 लाभ · 04:39 – 06:07 ब्रह्म मुहूर्त · 04:33 – 05:20 अमृत काल · 04:03 – 05:38 राहु काल · 12:15 – 13:47 यमगण्ड काल · 07:39 – 09:11 गुलिक काल · 10:43 – 12:15 वर्ज्यम् · 18:35 – 20:10 बुध · 06:07 – 07:08 चंद्र · 07:08 – 08:09 शनि · 08:09 – 09:11 गुरु · 09:11 – 10:12 मंगल · 10:12 – 11:14 सूर्य · 11:14 – 12:15 शुक्र · 12:15 – 13:16 बुध · 13:16 – 14:18 चंद्र · 14:18 – 15:19 शनि · 15:19 – 16:20 गुरु · 16:20 – 17:22 मंगल · 17:22 – 18:23 सूर्य · 18:23 – 19:22 शुक्र · 19:22 – 20:21 बुध · 20:21 – 21:19 चंद्र · 21:19 – 22:18 शनि · 22:18 – 23:17 गुरु · 23:17 – 00:15 मंगल · 00:15 – 01:14 सूर्य · 01:14 – 02:12 शुक्र · 02:12 – 03:11 बुध · 03:11 – 04:10 चंद्र · 04:10 – 05:08 शनि · 05:08 – 06:07

17 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 32 मि
06:07
07:39
09:11
10:43
12:15
13:47
15:19
16:51

रात के समय

8 · 1 घं 28 मि
18:23
19:51
21:19
22:47
00:15
01:43
03:11
04:39

दिन के समय

8 · 1 घं 32 मि
06:07
07:39
09:11
10:43
12:15
13:47
15:19
16:51

रात के समय

8 · 1 घं 28 मि
18:23
19:51
21:19
22:47
00:15
01:43
03:11
04:39
04:33 05:20
04:03 05:38
12:15 13:47
07:39 09:11
10:43 12:15
18:35 20:10

दिन के घंटे

12 · 1 घं 1 मि
06:07
07:08
08:09
09:11
10:12
11:14
12:15
13:16
14:18
15:19
16:20
17:22

रात के घंटे

12 · 59 मि
18:23
19:22
20:21
21:19
22:18
23:17
00:15
01:14
02:12
03:11
04:10
05:08

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 सितंबर 2025 की तिथि क्या है?
17 सितंबर 2025 की तिथि कृष्ण एकादशी है।
17 सितंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
17 सितंबर 2025 का नक्षत्र पुनर्वसु और योग परिघ है।
17 सितंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:07 पर तथा सूर्यास्त 18:23 पर होगा।
17 सितंबर 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 12:15–13:47 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।