मुख्य सामग्री पर जाएँ

रविवार, 19 सितंबर 2027

दैनिक पंचांग

  • संकष्टी चतुर्थी
चिंतन का दिन

आज रविवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। आज संकष्टी चतुर्थी व्रत रखा जाता है। तृतीया तिथि सुबह तक है, फिर चतुर्थी शुरू होगी। तृतीया शुभ तिथि है, यात्रा और उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा अश्विनी नक्षत्र में शाम तक है, फिर भरणी में। आज सर्वार्थ सिद्धि योग है, किसी भी नए आरंभ के लिए दुर्लभ शुभ समय। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 11:50 से 12:39 बजे तक, और राहु काल में न करें, 16:50 से 18:21 बजे तक। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

इस तिथि के पर्व

रविवार, 19 सितंबर

संकष्टी चतुर्थी

व्रत

चंद्रोदय20:03

व्रत चंद्र दर्शन के बाद ही खोला जाता है; दिन वही है जिस दिन चतुर्थी रहते चंद्रोदय हो।

गणेश जी का मासिक व्रत — उस कृष्ण चतुर्थी को, जिस दिन चंद्रोदय के समय तिथि विद्यमान हो। भक्त सूर्योदय से उपवास रखते हैं और चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोलते हैं; हर मास की संकष्टी का अपना नाम है, और मंगलवार की संकष्टी अंगारकी कहलाती है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण तृतीया

      पिछले दिन 06:44 उसी दिन 07:09 तक

    • फिर

      कृष्ण चतुर्थी

      उसी दिन 07:09 अगले दिन 07:08

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • रविवार

    रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तभाद्रपद
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • अश्विनी

      पिछले दिन 16:46 उसी दिन 17:40 तक

    • फिर

      भरणी

      उसी दिन 17:40 अगले दिन 18:08

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • ध्रुव

      पिछले दिन 09:01 उसी दिन 08:17 तक

    • फिर

      व्याघात

      उसी दिन 08:17 अगले दिन 07:12

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन 19:00 उसी दिन 07:09 तक

    • फिर

      बव

      उसी दिन 07:09 उसी दिन 19:12

    • फिर

      बालव

      उसी दिन 19:12 अगले दिन 07:08

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण तृतीया · रवि

00061218उद्वेग · 06:07 – 07:39चल · 07:39 – 09:11लाभ · 09:11 – 10:43अमृत · 10:43 – 12:14काल · 12:14 – 13:46शुभ · 13:46 – 15:18रोग · 15:18 – 16:50उद्वेग · 16:50 – 18:21शुभ · 18:21 – 19:50अमृत · 19:50 – 21:18चल · 21:18 – 22:46रोग · 22:46 – 00:15काल · 00:15 – 01:43लाभ · 01:43 – 03:11उद्वेग · 03:11 – 04:40शुभ · 04:40 – 06:08उद्योग · 06:07 – 07:39अमृत · 07:39 – 09:11काल · 09:11 – 10:43शुभ · 10:43 – 12:14रोग · 12:14 – 13:46शून्य · 13:46 – 15:18लाभ · 15:18 – 16:50चल · 16:50 – 18:21शून्य · 18:21 – 19:50लाभ · 19:50 – 21:18चल · 21:18 – 22:46रोग · 22:46 – 00:15काल · 00:15 – 01:43शुभ · 01:43 – 03:11अमृत · 03:11 – 04:40उद्योग · 04:40 – 06:08ब्रह्म मुहूर्त · 04:33 – 05:20अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:39अमृत काल · 10:12 – 11:51राहु काल · 16:50 – 18:21यमगण्ड काल · 12:14 – 13:46गुलिक काल · 15:18 – 16:50वर्ज्यम् · 13:31 – 15:10सूर्य · 06:07 – 07:09शुक्र · 07:09 – 08:10बुध · 08:10 – 09:11चंद्र · 09:11 – 10:12शनि · 10:12 – 11:13गुरु · 11:13 – 12:14मंगल · 12:14 – 13:16सूर्य · 13:16 – 14:17शुक्र · 14:17 – 15:18बुध · 15:18 – 16:19चंद्र · 16:19 – 17:20शनि · 17:20 – 18:21गुरु · 18:21 – 19:20मंगल · 19:20 – 20:19सूर्य · 20:19 – 21:18शुक्र · 21:18 – 22:17बुध · 22:17 – 23:16चंद्र · 23:16 – 00:15शनि · 00:15 – 01:13गुरु · 01:13 – 02:12मंगल · 02:12 – 03:11सूर्य · 03:11 – 04:10शुक्र · 04:10 – 05:09बुध · 05:09 – 06:08

19 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 32 मि
06:07
07:39
09:11
10:43
12:14
13:46
15:18
16:50

रात के समय

8·1 घं 28 मि
18:21
19:50
21:18
22:46
00:15
01:43
03:11
04:40

दिन के समय

8·1 घं 32 मि
06:07
07:39
09:11
10:43
12:14
13:46
15:18
16:50

रात के समय

8·1 घं 28 मि
18:21
19:50
21:18
22:46
00:15
01:43
03:11
04:40
04:33→05:20
11:50→12:39
10:12→11:51
16:50→18:21
12:14→13:46
15:18→16:50
13:31→15:10

दिन के घंटे

12·1 घं 1 मि
06:07
07:09
08:10
09:11
10:12
11:13
12:14
13:16
14:17
15:18
16:19
17:20

रात के घंटे

12·59 मि
18:21
19:20
20:19
21:18
22:17
23:16
00:15
01:13
02:12
03:11
04:10
05:09

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

19 सितंबर 2027 की तिथि क्या है?
19 सितंबर 2027 की तिथि कृष्ण तृतीया है।
19 सितंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
19 सितंबर 2027 का नक्षत्र अश्विनी और योग ध्रुव है।
19 सितंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:07 पर तथा सूर्यास्त 18:21 पर होगा।
19 सितंबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:50–18:21 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।