सोमवार, 23 सितंबर 2024
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। षष्ठी तिथि 13:50 बजे तक, फिर सप्तमी 12:39 (कल) बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र 22:07 बजे तक, उसके बाद मृगशिरा 21:53 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्धि 03:09 (कल) बजे तक, फिर व्यतीपात योग 01:25 (कल) बजे तक। वणिज करण 13:50 बजे तक, उसके बाद विष्टि 01:09 (कल) बजे तक, फिर बव 12:39 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:40 से 09:11) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक भाद्रपद
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण षष्ठी
पिछले दिन15:43उसी दिन13:50
कृष्ण सप्तमी
उसी दिन13:50अगले दिन12:39
षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तभाद्रपदपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
रोहिणी
पिछले दिन23:02उसी दिन22:07
मृगशिरा
उसी दिन22:07अगले दिन21:53
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
सिद्धि
उसी दिन05:26अगले दिन03:09
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
वणिज
उसी दिन02:42उसी दिन13:50
विष्टि
उसी दिन13:50अगले दिन01:09
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण षष्ठी · सोम
23 सित॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 31 मि| 06:1007:40 | ||
| 07:4009:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:13 | ||
| 12:1313:43 | ||
| 13:4315:14 | ||
| 15:1416:45 | ||
| 16:4518:16 |
रात के समय
8·1 घं 29 मि| 18:1619:45 | ||
| 19:4521:14 | ||
| 21:1422:44 | ||
| 22:4400:13 | ||
| 00:1301:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:41 | ||
| 04:4106:10 |
दिन के समय
8·1 घं 31 मि| 06:1007:40 | ||
| 07:4009:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:13 | ||
| 12:1313:43 | ||
| 13:4315:14 | ||
| 15:1416:45 | ||
| 16:4518:16 |
रात के समय
8·1 घं 29 मि| 18:1619:45 | ||
| 19:4521:14 | ||
| 21:1422:44 | ||
| 22:4400:13 | ||
| 00:1301:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:41 | ||
| 04:4106:10 |
| 04:35→05:22 | ||
| 11:48→12:37 | ||
| 19:02→20:34 | ||
| 07:40→09:11 | ||
| 10:42→12:13 | ||
| 13:43→15:14 | ||
| 14:25→15:57 |
दिन के घंटे
12·1 घं 1 मि| 06:1007:10 | ||
| 07:1008:11 | ||
| 08:1109:11 | ||
| 09:1110:12 | ||
| 10:1211:12 | ||
| 11:1212:13 | ||
| 12:1313:13 | ||
| 13:1314:14 | ||
| 14:1415:14 | ||
| 15:1416:15 | ||
| 16:1517:15 | ||
| 17:1518:16 |
रात के घंटे
12·1 घं| 18:1619:15 | ||
| 19:1520:15 | ||
| 20:1521:14 | ||
| 21:1422:14 | ||
| 22:1423:13 | ||
| 23:1300:13 | ||
| 00:1301:12 | ||
| 01:1202:12 | ||
| 02:1203:12 | ||
| 03:1204:11 | ||
| 04:1105:11 | ||
| 05:1106:10 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 23 सितंबर 2024 की तिथि क्या है?
- 23 सितंबर 2024 की तिथि कृष्ण षष्ठी है।
- 23 सितंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 23 सितंबर 2024 का नक्षत्र रोहिणी और योग सिद्धि है।
- 23 सितंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:10 पर तथा सूर्यास्त 18:16 पर होगा।
- 23 सितंबर 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 07:40–09:11 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

