गुरुवार, 23 सितंबर 2027
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। अष्टमी तिथि 02:57 (कल) बजे तक, फिर नवमी 00:54 (कल) बजे तक रहेगी। मृगशिरा नक्षत्र 17:06 बजे तक, उसके बाद आर्द्रा 15:57 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्यतीपात 23:34 बजे तक, फिर वरीयान् योग 20:50 (कल) बजे तक। बालव करण 15:50 बजे तक, उसके बाद कौलव 02:57 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 13:59 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:44 से 15:15) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक भाद्रपद
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण अष्टमी
उसी दिन04:37अगले दिन02:57
अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तभाद्रपदपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
मृगशिरा
पिछले दिन17:51उसी दिन17:06
आर्द्रा
उसी दिन17:06अगले दिन15:57
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
व्यतीपात
उसी दिन01:58उसी दिन23:34
वरीयान्
उसी दिन23:34अगले दिन20:50
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
बालव
उसी दिन04:37उसी दिन15:50
कौलव
उसी दिन15:50अगले दिन02:57
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण अष्टमी · गुरु
23 सित॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 31 मि| 06:0907:40 | ||
| 07:4009:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:13 | ||
| 12:1313:44 | ||
| 13:4415:15 | ||
| 15:1516:46 | ||
| 16:4618:17 |
रात के समय
8·1 घं 29 मि| 18:1719:46 | ||
| 19:4621:15 | ||
| 21:1522:44 | ||
| 22:4400:13 | ||
| 00:1301:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:41 | ||
| 04:4106:10 |
दिन के समय
8·1 घं 31 मि| 06:0907:40 | ||
| 07:4009:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:13 | ||
| 12:1313:44 | ||
| 13:4415:15 | ||
| 15:1516:46 | ||
| 16:4618:17 |
रात के समय
8·1 घं 29 मि| 18:1719:46 | ||
| 19:4621:15 | ||
| 21:1522:44 | ||
| 22:4400:13 | ||
| 00:1301:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:41 | ||
| 04:4106:10 |
| 04:34→05:22 | ||
| 11:49→12:37 | ||
| 08:34→10:07 | ||
| 13:44→15:15 | ||
| 06:09→07:40 | ||
| 09:11→10:42 | ||
| 23:16→00:49 |
दिन के घंटे
12·1 घं 1 मि| 06:0907:10 | ||
| 07:1008:11 | ||
| 08:1109:11 | ||
| 09:1110:12 | ||
| 10:1211:12 | ||
| 11:1212:13 | ||
| 12:1313:14 | ||
| 13:1414:14 | ||
| 14:1415:15 | ||
| 15:1516:15 | ||
| 16:1517:16 | ||
| 17:1618:17 |
रात के घंटे
12·59 मि| 18:1719:16 | ||
| 19:1620:15 | ||
| 20:1521:15 | ||
| 21:1522:14 | ||
| 22:1423:14 | ||
| 23:1400:13 | ||
| 00:1301:13 | ||
| 01:1302:12 | ||
| 02:1203:12 | ||
| 03:1204:11 | ||
| 04:1105:10 | ||
| 05:1006:10 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 23 सितंबर 2027 की तिथि क्या है?
- 23 सितंबर 2027 की तिथि कृष्ण अष्टमी है।
- 23 सितंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 23 सितंबर 2027 का नक्षत्र मृगशिरा और योग व्यतीपात है।
- 23 सितंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:09 पर तथा सूर्यास्त 18:17 पर होगा।
- 23 सितंबर 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 13:44–15:15 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

