शनिवार, 28 सितंबर 2024
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है। एकादशी तिथि 14:50 बजे तक, फिर द्वादशी 16:48 (कल) बजे तक रहेगी। आश्लेषा नक्षत्र 03:37 (कल) बजे तक, उसके बाद मघा 06:18 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्ध 23:49 बजे तक, फिर साध्य योग 00:26 (कल) बजे तक। बालव करण 14:50 बजे तक, उसके बाद कौलव 03:46 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 16:48 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:12 से 10:41) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक भाद्रपद
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
इंदिरा एकादशी
पिछले दिन13:20उसी दिन14:50
कृष्ण द्वादशी
उसी दिन14:50अगले दिन16:48
एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।
शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तभाद्रपदपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
आश्लेषा · पाद 1
उसी दिन01:20अगले दिन03:37
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
सिद्ध
पिछले दिन23:32उसी दिन23:49
साध्य
उसी दिन23:49अगले दिन00:26
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बालव
उसी दिन02:01उसी दिन14:50
कौलव
उसी दिन14:50अगले दिन03:46
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण एकादशी · शनि
28 सित॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:1207:42 | ||
| 07:4209:12 | ||
| 09:1210:41 | ||
| 10:4112:11 | ||
| 12:1113:41 | ||
| 13:4115:10 | ||
| 15:1016:40 | ||
| 16:4018:10 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:1019:40 | ||
| 19:4021:11 | ||
| 21:1122:41 | ||
| 22:4100:11 | ||
| 00:1101:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:42 | ||
| 04:4206:13 |
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:1207:42 | ||
| 07:4209:12 | ||
| 09:1210:41 | ||
| 10:4112:11 | ||
| 12:1113:41 | ||
| 13:4115:10 | ||
| 15:1016:40 | ||
| 16:4018:10 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:1019:40 | ||
| 19:4021:11 | ||
| 21:1122:41 | ||
| 22:4100:11 | ||
| 00:1101:42 | ||
| 01:4203:12 | ||
| 03:1204:42 | ||
| 04:4206:13 |
| 04:36→05:24 | ||
| 11:47→12:35 | ||
| 01:52→03:37 | ||
| 09:12→10:41 | ||
| 13:41→15:10 | ||
| 06:12→07:42 | ||
| 15:21→17:06 |
दिन के घंटे
12·1 घं| 06:1207:12 | ||
| 07:1208:12 | ||
| 08:1209:12 | ||
| 09:1210:11 | ||
| 10:1111:11 | ||
| 11:1112:11 | ||
| 12:1113:11 | ||
| 13:1114:11 | ||
| 14:1115:10 | ||
| 15:1016:10 | ||
| 16:1017:10 | ||
| 17:1018:10 |
रात के घंटे
12·1 घं| 18:1019:10 | ||
| 19:1020:10 | ||
| 20:1021:11 | ||
| 21:1122:11 | ||
| 22:1123:11 | ||
| 23:1100:11 | ||
| 00:1101:11 | ||
| 01:1102:12 | ||
| 02:1203:12 | ||
| 03:1204:12 | ||
| 04:1205:12 | ||
| 05:1206:13 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 28 सितंबर 2024 की तिथि क्या है?
- 28 सितंबर 2024 की तिथि कृष्ण एकादशी है।
- 28 सितंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 28 सितंबर 2024 का नक्षत्र आश्लेषा और योग सिद्ध है।
- 28 सितंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:12 पर तथा सूर्यास्त 18:10 पर होगा।
- 28 सितंबर 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 09:12–10:41 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

