रविवार, 7 सितंबर 2025
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। पूर्णिमा तिथि 23:38 बजे तक, फिर प्रतिपदा 21:12 (कल) बजे तक रहेगी। शतभिषा नक्षत्र 21:40 बजे तक, उसके बाद पूर्व भाद्रपदा 20:02 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सुकर्मा 09:21 बजे तक, फिर धृति योग 06:29 (कल) बजे तक। विष्टि करण 12:43 बजे तक, उसके बाद बव 23:38 बजे तक, फिर बालव 10:28 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:01 से 18:35) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक भाद्रपद
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
पूर्णिमा
उसी दिन01:41उसी दिन23:38
कृष्ण प्रतिपदा
उसी दिन23:38अगले दिन21:12
पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तभाद्रपदपूर्णिमान्तभाद्रपद
नक्षत्र · योग · करण
शतभिषा
पिछले दिन22:55उसी दिन21:40
पूर्व भाद्रपदा
उसी दिन21:40अगले दिन20:02
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
सुकर्मा
पिछले दिन11:50उसी दिन09:21
धृति
उसी दिन09:21अगले दिन06:29
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
विष्टि
उसी दिन01:41उसी दिन12:43
बव
उसी दिन12:43उसी दिन23:38
बालव
उसी दिन23:38अगले दिन10:28
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
पूर्णिमा · रवि
7 सित॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 34 मि| 06:0207:36 | ||
| 07:3609:10 | ||
| 09:1010:44 | ||
| 10:4412:18 | ||
| 12:1813:53 | ||
| 13:5315:27 | ||
| 15:2717:01 | ||
| 17:0118:35 |
रात के समय
8·1 घं 26 मि| 18:3520:01 | ||
| 20:0121:27 | ||
| 21:2722:53 | ||
| 22:5300:19 | ||
| 00:1901:45 | ||
| 01:4503:10 | ||
| 03:1004:36 | ||
| 04:3606:02 |
दिन के समय
8·1 घं 34 मि| 06:0207:36 | ||
| 07:3609:10 | ||
| 09:1010:44 | ||
| 10:4412:18 | ||
| 12:1813:53 | ||
| 13:5315:27 | ||
| 15:2717:01 | ||
| 17:0118:35 |
रात के समय
8·1 घं 26 मि| 18:3520:01 | ||
| 20:0121:27 | ||
| 21:2722:53 | ||
| 22:5300:19 | ||
| 00:1901:45 | ||
| 01:4503:10 | ||
| 03:1004:36 | ||
| 04:3606:02 |
| 04:30→05:16 | ||
| 11:53→12:44 | ||
| 14:51→16:22 | ||
| 17:01→18:35 | ||
| 12:18→13:53 | ||
| 15:27→17:01 | ||
| 05:44→07:15 |
दिन के घंटे
12·1 घं 3 मि| 06:0207:05 | ||
| 07:0508:07 | ||
| 08:0709:10 | ||
| 09:1010:13 | ||
| 10:1311:16 | ||
| 11:1612:18 | ||
| 12:1813:21 | ||
| 13:2114:24 | ||
| 14:2415:27 | ||
| 15:2716:30 | ||
| 16:3017:32 | ||
| 17:3218:35 |
रात के घंटे
12·57 मि| 18:3519:32 | ||
| 19:3220:30 | ||
| 20:3021:27 | ||
| 21:2722:24 | ||
| 22:2423:21 | ||
| 23:2100:19 | ||
| 00:1901:16 | ||
| 01:1602:13 | ||
| 02:1303:10 | ||
| 03:1004:08 | ||
| 04:0805:05 | ||
| 05:0506:02 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 7 सितंबर 2025 की तिथि क्या है?
- 7 सितंबर 2025 की तिथि पूर्णिमा है।
- 7 सितंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 7 सितंबर 2025 का नक्षत्र शतभिषा और योग सुकर्मा है।
- 7 सितंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:02 पर तथा सूर्यास्त 18:35 पर होगा।
- 7 सितंबर 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 17:01–18:35 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

