गुड़ी पड़वा
रविवार, 30 मार्च 2025
दक्खन का चंद्र नववर्ष — सृष्टि के आरंभ के प्रतीक रूप में प्रातः घर-घर गुड़ी फहराई जाती है। यह साढ़े तीन मुहूर्तों में से एक है — पंचांग परंपरा के वे साढ़े तीन दिन जो हर शुभ आरंभ के लिए स्वयंसिद्ध माने जाते हैं।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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शुक्ल प्रतिपदा
पिछले दिन 16:27 उसी दिन 12:49
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शुक्ल द्वितीया
उसी दिन 12:49 अगले दिन 09:11
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
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रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
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चैत्र · वैशाख
नक्षत्र · योग · करण
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रेवती
पिछले दिन 19:27 उसी दिन 16:35
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अश्विनी
उसी दिन 16:35 अगले दिन 13:45
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
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ऐन्द्र
पिछले दिन 22:04 उसी दिन 17:55
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वैधृति
उसी दिन 17:55 अगले दिन 13:47
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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बव
उसी दिन 02:39 उसी दिन 12:49
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बालव
उसी दिन 12:49 उसी दिन 23:00
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कौलव
उसी दिन 23:00 अगले दिन 09:11
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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रविवार, 30 मार्च 2025